दक्षिण भारत में जल्लीकट्टू को लेकर हुए विवाद के बाद पंजाब में भी यहां के परंपरागत खेल बैलगाड़ी दौड़ को दोबारा शुरू करने का मुद्दा सदन में उठा है। प्रश्नकाल के दौरान कुलदीप वैद्य ने मांग की कि लुधियाना के पास किलारायपुर के प्रसिद्ध ग्रामीण खेलों के इस आकर्षण को दोबारा शुरू किया जाए।
वैद्य के सवाल पर सिद्धू ने कहा कि कुछ साल पहले तक किलारायपुर में बैलों की दौड़ कराई जाती थी, जो इस मेले का प्रमुख आकर्षण था। बैलों के साथ कोई ज्यादती नहीं की जाती थी। दौड़ के लिए तैयार करते समय बैलों को अच्छी खुराक दी जाती थी, बच्चों की तरह पाला जाता था। बैलों की दौड़ के आकर्षण के कारण बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते थे। जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आय बढ़ती थी। लेकिन जल्लीकट्टू विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में बैलों की दौड़ पर रोक लगा दी थी।
इसलिए सरकार का इसे शुरू कराने का कोई विचार नहीं है, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन की शर्तों का पालन करते हुए अगर कोई एनजीओ बैलों की दौड़ करवाना चाहती है तो डिप्टी कमिश्नर से मंजूरी हासिल कर सकती है। इस पर वैद्य ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ने विधानसभा में एक्ट पास कर अपने परंपरागत खेलों को दोबारा शुरू कराया है। यहां भी ऐसा होना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि वह इस संबंध में सीएम से बात करेंगे।