ड्राइविंग सीखने के इच्छुक युवाओं के लिए सुनहरा मौका है। टेस्ट में पास होने पर सर्टिफिकेट और लाइसेंस भी मिलेगा, जल्दी करें फायदा उठाएं फ्री है कोर्स। दरअसल हरियाणा सरकार की ओर से पांच हजार युवाओं को कार ड्राइविंग का कोर्स कराया जाएगा। इन युवाओं को ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के बाद सर्टिफिकेट भी जारी होगा। कोर्स की फीस हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन की ओर से अदा की जाएगी। निजी ड्राइविंग स्कूलों के जरिये युवाओं को यह कोर्स कराया जाएगा।
कम शिक्षित युवाओं को ड्राइविंग कोर्स कराकर उन्हें रोजगार दिलाने का प्रयास होगा। इसके लिए सरकार के निर्देश पर हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन ने कार ड्राइविंग का कोर्स कराने का फैसला लिया है, जिसमें पहले चरण में प्रदेशभर के 18 से 35 साल की उम्र के पांच हजार युवाओं को यह कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए आवेदक 8वीं पास होना चाहिए। हर जिले के लिए एक टारगेट तय किया गया है। तय संख्या से अधिक आवेदन आने पर अनुसूचित, पिछड़ा वर्ग, बीपीएल तथा महिलाओं को प्राथमिकता देकर लिस्ट तैयार की जाएगी।
कार ड्राइविंग कोर्स एक महीने का होगा, जिसमें कुल 30 घंटे की थ्योरी क्लासेज, 12 घंटे की ड्राइविंग प्रैक्टीकल क्लास होंगी। सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के तहत यह कोर्स होगा, जिसमें रोड बिहेवियर, ड्राइविंग एटीकेडस, रोड रेज, रोड कम्युनिकेशन स्किल की ट्रेनिंग दी जाएगी। कार ड्राइविंग का सर्टिफिकेट हासिल करने वालों को लाइट कॉमर्शियल व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लाइट कॉमर्शियल व्हीकल का सर्टिफिकेट वालों को हैवी कॉमर्शियल व्हीकल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
83 लाख युवाओं में से पांच हजार को प्रशिक्षण
स्टीयरिंग व्हील पकड़ने का तरीका
- फोटो : Amar Ujala
वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 18 से 35 साल की आयु के 83 लाख 35 हजार 118 युवा हैं। इनमें से हर जिले में 100 से 350 तक के टारगेट तय किया गए हैं। जिले की कुल आबादी के अनुसार यह टारगेट तय किए गए हैं।
यहां मिलेगा प्रशिक्षण
प्रदेशभर में करीब 246 पंजीकृत ड्राइविंग स्कूल हैं। इनमें से प्रदेश सरकार की ओर से कुछ स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। इन चिह्नित किए गए निजी ड्राइविंग स्कूल में यह ट्रेनिंग दी जाएगी। स्कूल चिह्नित करने के लिए जिला स्तर पर कमेटी होगी। एडीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी में एसडीएम, आरटीए, हरियाणा कौशल मिशन के डायरेक्टर, डिस्ट्रिक्ट स्किल कोर्डिनेटर होंगे।
प्रशिक्षण में अभ्यर्थी को 80 प्रतिशत अंक हासिल करने पर इंटरनल ट्रेड टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के पास ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भेजा जाएगा। जो युवा यह टेस्ट पास करेंगे, उन्हें हरियाणा कौशल मिशन की ओर से सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके बाद एडीसी ऐसे युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएंगे।
चार हजार का खर्च वहन करेगी सरकार
कार ड्राइविंग के लिए एक युवा पर करीब चार हजार रुपये के खर्च का आकलन किया गया है। लाइट कॉमर्शियल व्हीकल की ट्रेनिंग के लिए 6504 रुपये और हैवी कॉमर्शियल व्हीकल ड्राइविंग कोर्स के लिए 11500 रुपये के खर्च का आकलन किया गया है। यह खर्च प्रदेश सरकार की ओर से हरियाणा कौशल मिशन के तहत अदा किया जाएगा।
कार ड्राइविंग के लिए जिला अनुसार टारगेट
driving training
जिला------ टारगेट
अंबाला----250
भिवानी ----300
फरीदाबाद ---350
फतेहाबाद----200
गुरुग्राम-----350
झज्जर ---200
जींद-------250
कैथल----200
करनाल---300
कुरुक्षेत्र ----200
महेंद्रगढ़---200
मेवात------150
पलवल------150
पानीपत ----250
रोहतक--------200
रेवाड़ी ----------200
सिरसा---------250
सोनीपत------300
यमुनानगर----250
ड्राइविंग स्किल का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। जल्द ही जिला स्तर पर ड्राइविंग स्कूलों को चिह्नित कर दिया जाएगा। जिला स्तर पर एडीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी इसका चयन करेगी। इसके बाद यह कोर्स शुरू करा देंगे।
- केके कटारिया, मिशन डायरेक्टर, हरियाणा कौशल मिशन