दि पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल 2021 को बुधवार तक टाल दिया गया। सदन में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा द्वारा एमिटी यूनिवर्सिटी पंजाब बिल 2021, इंडियन पार्टनरशिप (पंजाब संशोधन) बिल 2021 और पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमेंट प्रमोशन (संशोधन) बिल 2021 पेश किए गए, जिन्हें ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
इनके अलावा जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा प्रिजनर्स (पंजाब संशोधन) बिल 2021 और पंजाब सहकारी सभाएं (संशोधन) बिल पेश किए गए, जो किसी विशेष आपत्ति के बिना पारित हो गए। इसके बाद वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने पंजाब राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (संशोधन) बिल 2021 पेश किया, जिसे सदन में पारित कर दिया गया। शिक्षा और लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला द्वारा लाए गए पंजाब आबकारी (संशोधन) बिल 2021 और पंजाब एजुकेशन बिल 2021 बिल भी सदन में पारित हो गए।
सिंगला की सफाई, प्रोबेशन पीरियड नहीं बढे़गा
इस बीच, शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने सफाई दी है कि नए भर्ती हुए शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड बढ़ाया नहीं जाएगा। उन्होंने सभी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सदन में पेश हुए बिल का उद्देश्य नए भर्ती हुए शिक्षकों को उनके घरों के नजदीक तैनात करना है। विभाग ने सरहदी क्षेत्रों में भर्ती किए गए 3,582 शिक्षकों को दो साल की सेवा के बाद ही तबादले के लिए आवेदन देने की मंजूरी दे दी है। बिल का उद्देश्य पंजाब के शिक्षा में पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षकों की उपलब्धता को जरूरी बनाना है।
बिल का मकसद शुरूआती भर्ती के समय अध्यापकों की तैनाती को नियमित करना है, जिससे शैक्षिक तौर पर पिछड़े क्षेत्रों में अध्यापकों की उपलब्धता को जरूरी बनाया जा सके, जहां आम तौर पर अध्यापकों के पद खाली रहते हैं। मंत्री ने कहा कि यह बिल के पास होने से शिक्षा विभाग की तरफ से नए भर्ती अध्यापकों को उनके घरों के नजदीक तैनात करने की पेशकश की जाएगी।