एग्जिट पोल के अनुसार अगर पंजाब में कांग्रेस या आप की सरकार बनती है तो उसका चंडीगढ़ की राजनीति पर भी असर पड़ेगा। केंद्र सरकार शहर के लिए अलग से प्रशासक की नियुक्ति भी कर सकती है।
पिछले साल अगस्त माह में केंद्र सरकार ने पंजाब के गवर्नर को शहर के प्रशासक के चार्ज से मुक्त कर दिया था। केजे अल्फोंस को शहर का प्रशासक नियुक्त किया था जबकि वीपी सिंह बदनौर को सिर्फ पंजाब का गवर्नर बनाया गया था। लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार को फैसला पलटना पड़ा और पंजाब के गवर्नर को ही प्रशासक का चार्ज भी दे दिया गया।
केंद्र सरकार के अलावा चंडीगढ़ की भाजपा भी शहर के लिए अलग से प्रशासक चाहती है। ऐसे में पंजाब में अगर कांग्रेस और आप की सरकार बनती है तो यह बदलाव होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि विपक्ष की सरकार बनने पर पंजाब अकाली और भाजपा को इससे कोई मतलब नहीं रह जाएगा कि पंजाब के गवर्नर के पास ही शहर के प्रशासक का चार्ज हो।
अफसरशाही में भी होगा बदलाव
पंजाब में कांग्रेस या आप की सरकार बनने के बाद शहर की अफसरशाही में भी बदलाव होगा, क्योंकि चंडीगढ़ में पंजाब को 60 और हरियाणा 40 प्रतिशत अधिकारी नियुक्त करवाने का हक है। इस समय वित्त सचिव, एसएसपी, स्पेशल सेक्रेटरी फाइनेंस का पद खाली पड़ा है। इन पदों पर पंजाब के अधिकारी नियुक्त होंगे। ऐसे में नई सरकार अपने पसंदीदा अधिकारी को शहर में भेजेगी। जबकि अकाली सरकार के करीबी कई अधिकारी सालों से चंडीगढ़ में डटे हैं। उनकी वापसी हो सकती है।