अमृतसर में गुरुवार को सुबह शुरू हुई मतगणना में पहले से लेकर अंतिम चरण तक बड़े-बड़े दिग्गजों को अपने मुंह में उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। अमृतसर की 11 में से नौ विधानसभा सीटों पर आप ने कब्जा कर अपना परचम लहरा दिया। आप की जीत ने पंजाब में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत कर दी है।
सुबह से ही इन नौ सीटों पर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा। इसकी वजह मतदाताओं में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों में विश्वास ही नहीं बल्कि पंजाब की पारंपरिक दल कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा से मोह भंग होना भी है। पंजाब में लंबे समय से बदलाव की बात हो रही थी। इस बार मतदाताओं ने अपना जनादेश आप को दिया।
दरअसल, पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार हो या फिर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार। शिक्षा और सेहत को अनदेखा किया गया। प्रदेश की पूर्व सरकारों ने विकास के नाम पर गलियों, सड़कों और नालियों को पक्का करने तक ही सीमित रखा। पंजाब की पारंपरिक राजनीतिक दलों की इसी कमी को आम आदमी पार्टी ने चुनाव में मुद्दा बनाया। आम आदमी पार्टी ने सामान्य लोगों को अपना प्रत्याशी बनाया था।
अमृतसर उत्तरी से पार्टी के उम्मीदवार डॉ. कुंवर विजय प्रताप सिंह, दक्षिणी से उम्मीदवार डॉ. इंद्रबीर निज्जर और पूर्वी से पार्टी उम्मीदवार व जिला प्रधान जीवनजोत कौर के अलावा अन्य उम्मीदवारों को लोग जानते तक नहीं थे। आप के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के लोगों की जरूरतों को वादा बनाया और प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान ने लोगों का विश्वास जीता।
रिवायती पार्टियों को पंजाबियों ने दिखाया आइना: सोहल
आम आदमी पार्टी की ओर से विधायक का चुनाव जीतने के बाद डॉ. कश्मीर सिंह सोहल को रिटर्निंग अधिकारी रजनीश अरोड़ा ने जीत का सर्टिफिकेट देते हुए बधाई दी। इस मौके पर डॉ. सोहल के साथ उनकी पत्नी नवजोत कौर हुंदल, बेटी, दामाद व पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। डॉ. सोहल ने हलके के मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि रिवायती पार्टियों से तंग आकर पंजाबियों ने तमाम उन नेताओं को आइना दिखाया है, जो आपस में मिलकर चुनाव तो जीत जाते पर जनता के साथ सीधा धोखा करते थे।