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पंजाब विस चुनावः कनाडा ने झटका दिया, कैप्टन ने रणनीति बदली

Fri, 22 Apr 2016 07:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : file photo
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पंजाब विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर कनाडा सरकार ने रैली करने पर रोक लगाई तो कैप्टन ने अपनी रणनीति बदल ली। अब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की छोटी सभाएं ज्यादा कराई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा एनआरआईज तक पहुंचा जा सके।
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कैप्टन गुट की ओर से उनके खास विधायक राणा गुरजीत सिंह ने कनाडा में कमान संभाल रखी है। कैप्टन का कनाडा दौरा शनिवार से शुरू हो रहा है। कैप्टन ने कनाडा केप्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को पत्र लिख कर रैलियों पर रोक लगाने पर ऐतराज जताया है। कांग्रेस की कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं।

अगर कनाडा सरकार ने अपना रुख न बदला तो पार्टी छोटी बैठकों पर फोकस करेगी। छोटी बैठकें पहले भी कैप्टन के दौरे का हिस्सा थीं। लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। एक दिन में ज्यादा से ज्यादा छोटी बैठकें करने की योजना बनाई गई है। ताकि अधिकतम एनआरआईज को अपने साथ लामबंद किया जा सके।
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कैप्टन केबाद आम आदमी पार्टी केसुखपाल खैरा ने भी कनाडा जाना है। उसके बाद आप केराष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का कनाडा दौरा भी प्रस्तावित है। गौरतलब है कि कनाडा की संस्था ने कनाडा सरकार से मांग की थी कि कैप्टन की रैलियों पर रोक लगाई जाए। जिसके बाद कनाडा सरकार ने भारतीय दूतावास को इस संबंध में हिदायत दी थी।
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कैप्टन ने कनाडियन पीएम को पत्र लिख कर जताया ऐतराज

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : amarujala
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने टोरोंटो और वैंकुवर में पंजाबियों केसाथ बैठकों की इजाजत रद करने पर रोष जताया है। उन्होंने कनाडियन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को पत्र लिख कर इस संबंध में ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि वह इसे गैग ऑर्डर की तरह महसूस कर रहे हैं। कनाडा जैसे लोकतांत्रिक देश द्वारा जारी इस आदेश ने उन पर बहुत बुरा प्रभाव डाला है।

कैप्टन ने कनाडियन संविधान को आधार बना कर सवाल किया कि किस आधार पर उनको इजाजत देने से मना किया गया है। जबकि, भारत केदूसरे नेताओं को इसकी इजाजत दी गई। कैप्टन ने कहा कि वह किसी सरकार की नुमाइंदगी नहीं कर रहे हैं। न ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं, क्योंकि निकट भविष्य में पंजाब में कोई चुनाव नहीं है।

कनाडा में सियासी पार्टी बनाने या आंदोलन चलाने का भी उनका कोई इरादा नहीं है। कोई भी कार्यक्रम उन्होंने खुद आयोजित नहीं किया था। ये कार्यक्रम स्थानीय कनाडियन नागरिकों ने आयोजित किए थे। जिनका यह मौलिक अधिकार है।

उन्हें सिर्फ एक मेहमान के तौर पर इनमें शामिल होना था। उनका मकसद सिर्फ पंजाबियों से चर्चा कर उनके विचार जानना था। जिनके पास कनाडियन नागरिक होने के कारण पंजाब में वोट डालने का अधिकार नहीं है।
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