मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे, डीजीपी की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े परिवार ने साफ कर दिया कि मांगें पूरी होने तक शव का संस्कार नहीं किया जाएगा।
परविंद्र सिंह झोटा का पांचवें दिन शनिवार को भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे, डीजीपी की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की मांग पर अड़े परिवार ने साफ कर दिया कि मांगें पूरी होने तक शव का संस्कार नहीं किया जाएगा।
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उधर, अस्पताल पहुंचे आप विधायक डॉ. विजय सिंगला को विरोध के बाद लौटना पड़ा। इस बीच, जिला प्रशासन ने आरोपी अश्विनी का असलहा लाइसेंस रद्द कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को अस्पताल में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। इंसाफ कमेटी ने 19 अक्तूबर को पंजाब भर में आप विधायकों के घेराव का एलान भी किया है।
इस बीच आप विधायक डॉ. विजय सिंगला शनिवार को अस्पताल पहुंचे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी गाड़ी घेर ली। पुलिस ने किसी तरह विधायक को वहां से निकाला। इंसाफ कमेटी के भाना सिद्धू ने कहा कि धरने में आने वाले विधायक पहले अपने पद से इस्तीफा देकर आएं।