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भर्ती विज्ञापन में शर्त जोड़ सकती है सरकार: हाईकोर्ट

Sun, 29 Jan 2017 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
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पंजाब में क्लर्क से सीनियर असिस्टेंट और सीनियर असिस्टेंट की सीधी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अपनी आवश्यकता के अनुसार अनिवार्यता की शर्त जोड़ सकती है क्योंकि पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट रूल्स में प्रतियोगी परीक्षा को स्पष्ट नहीं किया गया है।
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ऐसे में यह स्पष्टीकरण सरकार ने कंप्यूटर टेस्ट पास होने के रूप में दिया है, जिसे गलत करार नहीं दिया जा सकता है। याचिका खारिज करने के साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की ओर से कंप्यूटर टेस्ट के आधार पर बनाई गई मेरिट लिस्ट को भी हरी झंडी दे दी है।

मामले में याचिका दाखिल करते हुए विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से पंजाब सरकार की ओर से 29 सितंबर 2014 को जारी विज्ञापन को चुनौती दी गई थी। याची ने कहा था कि जब किसी पद पर नियुक्ति के लिए नियम पहले से ही निर्धारित हैं तो उस स्थिति में कोई नया नियम या शर्त नहीं जोड़ी जा सकती है। 
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असफल होने के बाद चुनौती देना वाजिब नहीं : कोर्ट

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पंजाब सरकार ने जो सीनियर असिस्टेंट के पद के लिए जो विज्ञापन निकाला था, उसमें दो लिखित परीक्षा और इनमें पास होने वालों के लिए अनिवार्य रूप से कंप्यूटर परीक्षा पास करने की शर्त रखी थी। याची ने कहा कि सीनियर असिस्टेंट पद के लिए पंजाब सिविल सेक्रेटरिएट रूल्स 1976 में जिक्र है और ऐसे में इसके बाहर की कोई भी शर्त नहीं लगाई जा सकती है। इस पर पंजाब सरकार की ओर से दलील दी गई कि याची ने नियुक्ति प्रक्रिया में हिस्सा लिया और फेल होने के चलते इस प्रक्रिया को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इन याचिकाओं को खारिज कर दिया। 

असफल होने के बाद चुनौती देना वाजिब नहीं : कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि जब नियुक्ति प्रक्रिया में याची ने भाग लिया तो उसे सभी अनिवार्य शर्तों का पता था और ऐसे में इसमें फेल होने के बाद इसे चुनौती देना वाजिब नहीं है। इसके साथ ही 1976 के नियमों के अतिरिक्त कोई नया प्रावधान न जोड़ने की याची की दलील भी मेरिट पर नहीं टिकती है। रूल्स में प्रतियोगी परीक्षा की बात कही गई है और इसे आगे स्पष्ट नही किया गया है। ऐसे में राज्य ने यदि कंप्यूटर टेस्ट को प्रतियोगी परीक्षा के रूप में अनिवार्यता के रूप में शामिल किया है तो इसे गलत नहीं कहा जा सकता है। राज्य सरकार को अधिकार है कि पद की आवश्यकता के अनुरूप योग्य उम्मीदवार पाने के लिए कंप्यूटर टेस्ट पास करने की अनिवार्यता जोड़ सकता है।
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