गांवों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा से जानकारी मांगी तो उन्होंने पूरी जानकारी देने के लिए कुछ समय दिए जाने की मांग की, जिस पर हाईकोर्ट ने 18 मई को दोनों राज्यों को इस बारे में कम से कम स्वास्थ्य सचिव स्तर के अधिकारी के जरिए जानकारी मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।
केंद्र ने 82 वेंटिलेटर भेजे, 71 खराब: पंजाब
पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए 82 में से 71 वेंटिलेटर खराब निकले हैं। राज्य के पास 24 कंटेनर्स हैं और उन्हें जल्द से जल्द 6 और कंटेनरों की जरूरत है। उन्हें 85 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन भेजे गए हैं जबकि 37 हजार इंजेक्शन की और जरूरत है। इसके अलावा राज्य को 4 लाख वैक्सीन की तत्काल जरूरत है।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा है कि राज्य में वैक्सीन की इतनी बर्बादी क्यों हो रही है। इस पर हरियाणा के एडवोकेट जनरल बीआर महाजन ने कहा कि अगली सुनवाई पर इसका जवाब देंगे। हरियाणा सरकार की तरफ से बताया गया कि राज्य के जिन निजी अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है, वहां इलाज के लिए कितना पैसा वसूला जा रहा है इसकी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही फाइनल ईयर के मेडिकल स्टूडेंट्स को भी अब टेली कॉलर्स की ड्यूटी पर लगाया गया है जो फोन पर पीड़ितों को जरूरी जानकारी दे रहे हैं।
पंजाब और हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाया: केंद्र
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र ने पंजाब और हरियाणा का ऑक्सीजन कोटा बढ़ा दिया है। पंजाब का ऑक्सीजन का कोटा 227 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 247 मीट्रिक टन और हरियाणा का कोटा 267 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 307 मीट्रिक टन कर दिया गया है। पंजाब के खराब वेंटिलेटर जल्द ठीक करा दिए जाएंगे। पंजाब में वैक्सीन और रेमडेसिविर की भी जल्द पर्याप्त सप्लाई कर दी जाएगी और जल्द ही राज्य को 6 और कंटेनर्स भेज दिए जाएंगे।