एत्थों जहाज उड़ा के दिखा दित्ता, तुहाडा कम्म पूरा, हुण इंटरनेशनल एयरपोर्ट नू ताला ला देईये। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सरों ने एयरपोर्ट को कुछ दिन के लिए बंद करने के बारे में मिली जानकारी पर कुछ इस तरह केंद्र सरकार को फटकारा।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रनवे की रिकारपेटिंग के लिए फ्लाइट की टाइमिंग घटाने और एयरपोर्ट को दो बार 15 दिनों के लिए बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार को भारी पड़ गया। इस बारे में एमिकस क्यूरी की ओर से दी गई जानकारी पर हाईकोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि क्यों न रक्षा सचिव को यहां बुलाकर पूछें कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कोई दुश्मनी है क्या?
बुधवार को याचिकाकर्ता और एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि एयरफोर्स ने रनवे की रिसर्फेसिंग के लिए एयरपोर्ट से उड़ान भरने के समय में कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही दो बार में 15-15 दिन करके एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय भी सामने आया है। साथ ही यह भी बताया गया कि इस प्रकार से एयरपोर्ट को बंद कर यहां मौजूद डोमेस्टिक उड़ानें भी समाप्त कर दी जाएंगी। इंटरनेशनल उड़ानें जो वर्तमान में इस एयरपोर्ट से जारी हैं, वे भी बंद हो जाएंगी।
एमिकस क्यूरी ने कहा कि यहां से इंटरनेशनल उड़ानों के लिए विदेशी एयरलाइंस के प्रस्ताव लंबित हैं, बावजूद इसके उन्हें मौका नहीं दिया जा रहा है। इस पर असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल चेतन मित्तल ने कोर्ट को बताया कि एयरफोर्स के एक नए अधिकारी ने अनजाने में यह गलती कर दी थी। इसको सुधार लिया गया है और केंद्र सरकार यह विश्वास दिलाती है कि एयरपोर्ट को न तो बंद किया जाएगा और न ही इससे उड़ान भरने के समय में कोई कटौती की जाएगी। इसके साथ ही जिस अधिकारी ने यह निर्णय लिया था, उसे शो कॉज नोटिस जारी कर दिया गया है।
15 दिनों के लिए दो बार एयरपोर्ट को बंद करने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया वापस
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
मित्तल ने कहा कि लोकल एयरलाइंस और विदेशी एयरलाइंस के बीच बैलेंस बेहद जरूरी है। इससे पहले केंद्र ने विदेशी एयरलाइंस को मौका दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। इस निर्णय को देश की लोकल एयरलाइंस को खत्म करने वाला करार दिया गया था और यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि केंद्र को मौका देकर गलती की थी। सभी दोषियों के खिलाफ एफआईआर केआदेश आरंभ में ही जारी कर देने चाहिए थे।
यह थी योजना
रनवे की रिकारपेटिंग के लिए गर्मियों में एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक सुबह 5 बजे से दोपहर एक बजे तक ही उड़ानों की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था। दोपहर एक बजे से सुबह 5 बजे तक रनवे की रिकार्पेटिंग का काम पूरा करने की योजना थी। एक नवंबर से 31 मार्च तक सुबह 5 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक फ्लाइट की अनुमति और तीन बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक रनवे की रिकारपेटिंग के लिए उड़ाने बंद रखने का निर्णय था।
दोनों सत्रों के दौरान 15-15 दिनों के लिए एयरपोर्ट को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय ले लिया गया था। इसके साथ ही शनिवार को दोपहर 3 बजे से सोमवार सुबह 5 बजे तक किसी भी उड़ान को अनुमति न देने का निर्णय लिया गया था। इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि चीन, जापान, यूएसए, यूएस सहित 18 देश चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें आरंभ कर सकते हैं। इसके साथ ही दुबई से चंडीगढ़ की फ्लाइट के लिए फ्लाई दुबई को अनुमति देने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी भी दी गई। एयर इंडिया ने बताया कि गर्मियों में बैंकॉक के लिए उड़ान शुरू करने की तैयारी में है।