Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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‘क्या चंडीगढ़ भारत का हिस्सा नहीं है? चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी के साथ केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार क्यों करती है? ’ हाईकोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी पीयू को यूजीसी द्वारा 30.50 करोड़ की ग्रांट जारी न करने और उसके खिलाफ आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने संबंधी जानकारी मिलने के बाद की।
हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सरों पर आधारित खंडपीठ ने कहा कि यदि शिक्षण संस्थान को पैसा नहीं देना है तो इसमें ताला लगवा दीजिए या इसे रिजॉर्ट में बदल दीजिए। पीयू की खस्ता वित्तीय हालत के मद्देनजर पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (पुटा) ने हाईकोर्ट से शिक्षकों का वेतन जारी करने का आदेश देने की अपील की थी। पुटा ने कहा था कि शिक्षकों को वेतन जारी नहीं हो रहा है, वे हड़ताल पर जा सकते हैं।
यदि ऐसा हुआ तो पीयू के अधीन 200 कॉलेजों और उसमें पढ़ने वाले 2.5 लाख छात्रों के लिए मुसीबत पैदा हो जाएगी। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी और यूजीसी से जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने पूछा कि 19 जनवरी को पीयू को 30 करोड़ 50 लाख की ग्रांट जारी करने के आदेश दिए गए थे, उसका पालन क्यों नहीं किया गया? यूजीसी का जवाब था कि उन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है।