हरियाणा सरकार रियो ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक को महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक में खेल निदेशक के पद पर नौकरी देने जा रही है। यह पद सृजित किया जा चुका है। 11 मार्च को यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद की बैठक में नौकरी देने पर मुहर लग जाएगी। खेल एवं युवा मामले मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को शून्यकाल में कांग्रेस विधायक करण दलाल के मामला उठाने पर यह जानकारी दी।
इस मसले पर विज और दलाल में कई बार-बार तकरार भी हुई। विज ने कहा कि पहलवान साक्षी मलिक को नियमानुसार सभी सुविधाएं एवं पुरस्कार मुहैया करा दिए गए हैं। सरकार ने उनसे कोई वादाखिलाफी नहीं की है।
मलिक को रियो से वापस आकर देश की धरती पर कदम रखते ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नियमानुसार 2.50 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का चेक भेंट कर दिया था। इतना ही नहीं, साक्षी की मांग पर उनके शहर रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में ही खेल निदेशक का नया पद सृजित किया गया है।
11 मार्च को एमडीयू की कार्यकारी परिषद में लगेगी प्रस्ताव पर मुहर
पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : File Photo
चूंकि उन्होंने अपने ही शहर में नौकरी मांगी थी। जिस हॉल में साक्षी अभ्यास करती हैं, उसे वातानुकूलित बनाने की अपील भी की थी। इसके लिए सरकार ने 75 लाख रुपये की राशि रोहतक के उपायुक्त को भेज दी हैं ताकि हाल को शीघ्र वातानुकूलित बनाया जा सके।
सरकार की योजना में कोच को पुरस्कार देना शामिल नहीं है, फिर भी साक्षी के निवेदन पर सरकार ने उन्हें एक कोच के नाम के लिए शपथ पत्र देने को कहा था। इस पर साक्षी ने पहले शपथ पत्र में 2 तथा दूसरे शपथ पत्र में 3 कोचों के नाम लिखकर भेजे। इस बीच किसी अन्य व्यक्ति ने भी स्वयं को साक्षी का कोच होने का दावा पेश कर दिया। साक्षी जिस एक व्यक्ति का नाम बताएंगी, उसे पुरस्कृत कर दिया जाएगा।
प्लॉट देने का प्रावधान नहीं
विज ने बताया कि खेल नीति में प्लॉट देने का कोई प्रावधान नहीं है। बावजूद साक्षी को हुडा के प्लॉट के लिए आवेदन करना चाहिए। कांग्रेस केवल लोगों को केवल भ्रमित करने का प्रयास करती है।