पंचकूला सहित हरियाणा और पंजाब में हिंसा व अन्य प्रकार से हुए नुकसान की भरपाई के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कमर कस ली है। खास बात यह है कि तोडफोड़, आगजनी से हुए नुकसान के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए हुए खर्च और रेल-बस यातायात सहित इनडायरेक्ट लॉस की वसूली भी दोषियों से की जाएगी। यदि डेरा इसके लिए दोषी पाया गया तो उसकी पाई-पाई बिक जाएगी।
शनिवार को सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अब तक हुए नुकसान की जानकारी मांगी। पंजाब सरकार ने बताया कि नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, इसलिए समय दिया जाए। हालांकि, एक रिपोर्ट के माध्यम से बताया गया कि डेरे के मामले में 51 हिंसा की घटनाएं हुई हैं, जिसके चलते 39 एफआईआर दर्ज की गई है और 39 को गिरफ्तार किया गया है।
इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा। हरियाणा सरकार ने बताया कि अभी तक पंचकूला में 8 मामले दर्ज किए गए हैं और 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे प्रदेश में 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इनमें से 28 मौतें पंचकूला में हुई हैं।
हरियाणा-पंजाब के सभी डीसी को डेरे की संपित्त का ब्यौरा सौंपने के आदेश
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इस दौरान सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने कहा कि जिस प्रकार रामपाल मामले में खर्च और नुकसान की वसूली की जा रही है, उसी तर्ज पर यह वसूली राम रहीम से भी की जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने हरियाणा व पंजाब में डेरा सच्चा सौदा की सभी चल-अचल संपत्तियों, आय के साधनों और बैंक खातों की जानकारी तलब कर ली।
डेरे ने विरोध करते हुए कहा कि हम दोषी नहीं हैं, इसलिए ऐसा नहीं होना चाहिए, हम भाग नहीं रहे। यह कार्रवाई आगे भी की जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी यह कदम उठाना जरूरी है और यदि डेरा दोषी पाया गया तो इनकी नीलामी कर खर्च की वसूली की जाएगी। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगले आदेशों तक डेरे की कोई संपत्ति न तो बेची जा सकती और न ही आगे ट्रांसफर व गिफ्ट की जा सकती है।
हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में सरकारी और निजी संपत्ति के नुकसान का पूरा ब्यौरा मामले की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में सौंपें। दोनों सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि एक पब्लिक नोटिस जारी लोगों को बताएं कि वे अपनी संपत्ति को हुए नुक्सान का क्लेम करने के लिए डीसी के पास आवेदन कर सकते हैं। इन आवेदनों की पुष्टि कर कोर्ट को इन्हें सौंपा जाए। इसके बाद कोर्ट निर्धारित करेगा कि किस प्रकार इसका भुगतान किया जाए।