पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को यह सुनिश्चित करने के आदेश दिए कि किसान संगठनों द्वारा बुधवार को फगवाड़ा के चहेरु पुल से शुरू होने वाले विरोध प्रदर्शन के कारण लोगों को कोई परेशानी न हो। कोर्ट ने किसान संगठनों को भी आदेश दिए कि प्रदर्शन के दौरान कानून का पालन किया जाए और बिना डीसी की इजाजत के किसी स्थान पर कोई विरोध प्रदर्शन न हो। यदि ऐसा हुआ तो इसे सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
प्रदर्शन से हाईवे पर ट्रैफिक बाधित होने और आम लोगों को होने वाली परेशानी के अंदेशे के चलते हाईकोर्ट में यह जनहित याचिका दाखिल की गई थी। इस पर सुनाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि किसान संगठन मंगलवार शाम तक विरोध प्रदर्शन की जगह निर्धारित करें और नेशनल हाईवे को बाधित न करें। हाईकोर्ट ने कपूरथला और जालंधर में दो दिन के लिए इंटरनेट सेवा को बंद करने की मांग पर भी पंजाब सरकार को विचार करने के आदेश दिए हैं।
अराइव सेफ सोसायटी के माध्यम से यह याचिका दाखिल की गई थी जिस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित पंजाब सरकार, डीजीपी, जालंधर के डिविजनल कमिश्नर, कपूरथला के डीएम और एसएसपी को बुधवार के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन (कादियां ग्रुप), जम्हूरी किसान सभा, माझा किसान संघर्ष कमेटी, दोआबा संघर्ष कमेटी और किसान संघर्ष कमेटी को भी नोटिस जारी कर बुधवार को मामले में जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।