पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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पंजाब में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन पर उच्च न्यायालय का सख्त रवैया जारी है। अदालत ने डीजीपी से पूछा है आखिर सरकार अवैध खनन की जांच के लिए एसआईटी का गठन क्यों नहीं कर रही है। इसके साथ ही कोर्ट ने फिरोजपुर में अवैध खनन में लिप्त आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल ने कहा कि अवैध खनन न सिर्फ राज्य के पर्यावरण और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है, बल्कि इससे राज्य को मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। ऐसे में डीजीपी अब किसी आईजी स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन करने पर गौर करें ताकि गहन जांच कर रोक लगाई जा सके।
उच्च न्यायालय ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, कैसे इतनी बड़ी संख्या में ट्रकों को माइनिंग मैटेरियल के साथ पकड़ा गया। न्यायालय के आदेशों पर इन ट्रकों के मालिकों की पहचान की जा रही है। इनमे से 31 ऐसे आरोपियों ने अपनी अग्रिम जमानत की मांग को लेकर न्यायालय में याचिका दायर की थी।