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बेअदबी मामले की जांच करने वाले पूर्व जज AAP में शामिल, सुखपाल खैरा गुट को भी लगा झटका

Tue, 25 Dec 2018 09:18 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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आम आदमी पार्टी
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श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी की जांच के लिए अकाली-भाजपा शासन के दौरान गठित आयोग के प्रमुख रिटायर्ड जस्टिस जोरा सिंह सोमवार को आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंदर केजरीवाल, संगरूर से सांसद भगवंत मान, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा, विधायक जय किशन रौड़ी, विधायक अमरजीत सिंह संदोआ और अन्य नेताओं की मौजूदगी में जस्टिस जोरा सिंह पार्टी में शामिल हुए।

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इसके साथ ही आप के लिए सोमवार का दिन इस लिहाज से भी अच्छा रहा कि सुखपाल सिंह खैरा गुट से जुड़े गढ़शंकर के विधायक जय किशन सिंह रौड़ी पार्टी में लौट आए।

इस मौके पर जस्टिस जोरा सिंह ने कहा कि वह आम आदमी पार्टी की लोक समर्थक नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा और सेहत के क्षेत्र में किए क्रांतिकारी कार्यों को देखते हुए उन्होंने भी अपनी सामाजिक सेवाएं देने के लिए आम आदमी पार्टी को चुना है। उल्लेखनीय है कि जस्टिस जोरा सिंह ने जज के तौर पर 35 वर्ष अपनी सेवाएं दीं। 

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वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जस्टिस रहे। इसके अलावा वे हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के न्यायिक आयोग के चेयरमैन भी रह चुके हैं। पंजाब में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद उन्हें आयोग का प्रमुख बनाया गया था, जिन्होंने घटना स्थलों का दौरा करके रिपोर्ट तैयार की। जस्टिस जोरा सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट उस समय की बादल सरकार को सौंप दी थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करना या उस पर कार्रवाई करने का प्रयास भी नहीं किया गया। 

पार्टी को मिलेगी मजबूती : केजरीवाल
जस्टिस जोरा सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा कि उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और पार्टी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए किए जा रहे कामों में और तेजी लाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार जस्टिस जोरा सिंह आयोग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर कार्रवाई करती तो प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और अन्य आरोपी इस समय जेल की सलाखों के पीछे होते।
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