वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जस्टिस रहे। इसके अलावा वे हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के न्यायिक आयोग के चेयरमैन भी रह चुके हैं। पंजाब में हुई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद उन्हें आयोग का प्रमुख बनाया गया था, जिन्होंने घटना स्थलों का दौरा करके रिपोर्ट तैयार की। जस्टिस जोरा सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट उस समय की बादल सरकार को सौंप दी थी लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक करना या उस पर कार्रवाई करने का प्रयास भी नहीं किया गया।
पार्टी को मिलेगी मजबूती : केजरीवाल
जस्टिस जोरा सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने कहा कि उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और पार्टी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए किए जा रहे कामों में और तेजी लाएगी। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार जस्टिस जोरा सिंह आयोग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर कार्रवाई करती तो प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और अन्य आरोपी इस समय जेल की सलाखों के पीछे होते।