एडवोकेट जैन ने कहा कि याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने अपनी याचिका में भी खराब आर्थिक स्थिति से जुड़ा कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है। प्रशासन ने फीस माफ करने का आदेश नहीं दिया है बल्कि अभिभावकों को राहत देने के लिए स्कूल खुलने तक वसूली न करने का आदेश दिया है। स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों से 1 माह के अंदर फीस की वसूली की जा सकती है। ऐसे में आदेश के खिलाफ इस याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।
स्कूलों का पक्ष सुने प्रशासन
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है और इसके साथ ही प्रशासन को कहा है कि वह स्कूलों को सुने और यदि आवश्यक हो तो इसके संबंध में निर्णय लिया जाए अन्यथा अगली सुनवाई पर प्रशासन का पक्ष रखा जाए।