मोहाली में ड्रग इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात डॉक्टर नेहा शौरी की खरड़ में उनके कार्यालय में गोली मार कर की गई हत्या मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अभी तक हुई जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है।
नेहा शौरी के 1971 की लड़ाई लड़ चुके पिता रि. कैप्टन कैलाश किशोर शौरी और माता अरुण शौरी ने एडवोकेट भृगुदत्त शर्मा के जरिए याचिका दायर कर पुलिस की जांच पर सवाल उठाए हैं। याची ने कहा कि एक ओर तो पंजाब सरकार राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के दावे कर रही है, लेकिन दूसरी ओर ड्रग माफिया द्वारा उनकी बेटी की हत्या की जांच में बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
जांच में अब तक क्या निकल के आया है और जांच कहां तक पहुंची है इसके बारे में उनके परिवार को कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। हाईकोर्ट को बताया गया कि पहले उनकी बेटी की हत्या के मामले की जांच मोहाली के एसएसपी को सौंपी गई थी बाद में जांच आईजी रूपनगर रेंज को सौंप दी गई। 9 अप्रैल को याचिकाकर्ता पंजाब के मुख्यमंत्री से मिले थे और इस मामले जांच में कई खामियां बताते हुए इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए इस मामले की सीबीआई से जांच करवाए जाने की मांग की थी।
उनकी इस मांग के बाद इस मामले की जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को सौंप दी थी। जांच का मुख्य उदेश्य यह जानना था कि हत्या के पीछे किसका हाथ है। पंजाब में ड्रग तस्करी जो माफिया का रूप ले चुका है उसका इस हत्या के पीछे हाथ है या नहीं यह जानना था। याचिकाकर्ता ने कहा कि जब से इस मामले की जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को सौंपी गई है तब से उन्हें यह बताया ही नहीं जा रहा है कि जांच कहां तक पहुंची है।
अब पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी बेटी की हत्या की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके जांच की मांग की है। साथ ही हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि जांच एजेंसी से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी जाए तांकि खुलासा हो सके कि जांच कहां तक पहुंची है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।