अब राशन डिपोधारक की राशन बांटते समय लोकेशन भी दर्ज होगी। पहले डिपोधारक उपभोक्ताओं के घर जाकर मशीन में अंगूठे लगवाकर राशन एक से दो दिन बाद देने की बात कहते थे। अंगूठा लगवाने के बाद कुछ उपभोक्ता राशन लेने से वंचित रह जाते थे। अब उपभोक्ता का मशीन में तभी अंगूठा लगेगा जब पीओएस मशीन और इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे को साथ में जोड़कर मशीन पर उपभोक्ता के पूरे राशन का वजन हो जाएगा।
अगर 100 ग्राम भी राशन कम मिला तो उस उपभोक्ता की मशीन से रसीद नहीं कटेगी। मशीन पर पूरा वजन होने के बाद ही उपभोक्ता के नाम पर रसीद निकलेगी। इससे साफ है कि अब विभाग डिपोधारकों द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी को रोकने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
पांच जिलों में शुरू होगी योजना
यह योजना जींद समेत पांच जिलों में शुरू होगी। प्रदेश सरकार ने राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लगाने के लिए इस योजना को फिलहाल पांच जिलों में शुरू करने का निर्णय लिया है। फरीदाबाद, गुरुग्राम, फतेहाबाद और सिरसा में इस योजना की शुरुआत करने की तैयारी है। इसके बाद पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा।
जिले में डेढ़ लाख राशन कार्डधारी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जिले में लगभग डेढ़ लाख कार्डधारकों को राशन वितरित किया जाता है। इसमें एएवाई के 18478, ओपीएच के 85147, सीबीपीएल के 12512 तथा एसबीपीएल के 35699 कार्डधारक राशन ले रहे हैं। अब इन उपभोक्ताओं के राशन की सुरक्षा के लिए सरकार ने यह नई योजना शुरू की है।
252 इलेक्ट्रॉनिक्स कांटे आए
जिले में 610 पीओएस मशीन पर राशन वितरण का काम चल रहा है। इसके लिए 610 इलेक्ट्रॉनिक्स कांटों की जरूरत है। अब तक विभाग के पास 252 कांटे आए हैं। जब इनकी संख्या पूरी हो जाएगी तो सभी डिपो पर पीओएस और इलेक्ट्रानिक्स कांटे के साथ राशन वितरण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।