प्रेमिका को पाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में फर्जी तथ्यों के साथ याचिका दाखिल करना प्रेमी को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने युवक को अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगाया है और यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न देने की स्थिति में एक माह की जेल होगी। गुर तेजपाल सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए लड़की की अवैध हिरासत का आरोप लगाया था।
उसने लड़की के पिता और चंडीगढ़ पुलिस की एक महिला अधिकारी पर लड़के को थर्ड डिग्री टार्चर करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि इस टॉर्चर के कारण लड़की के सिर पर टांके लगाने पड़े थे। हाईकोर्ट ने इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। इसके साथ ही दो बार मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया।
मेडिकल बोर्ड ने जब जांच की तो पाया कि लड़की ने बालों में लाल रंग का पेंट लगाया था ताकि इसे टांकों के रूप में दिखाया जा सके। साथ ही पुलिस ने बताया कि जो भी आरोप टॉर्चर के लगाए गए थे वह झूठे थे। दो साल तक यह केस चलता रहा जिसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस झूठ के पुलिंदे रूपी याचिका ने न्यायपालिका, डॉक्टरों व पुलिस का बेहद कीमती वक्त खराब किया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल माफी मांगकर नहीं बच सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि याची को न्यायालय की अवमानना का दोषी है। हाईकोर्ट जेल की सजा सुनाने लगा तो याची ने कहा कि इससे उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा ऐसे में उस पर जुर्माना लगाया जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने याची पर डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया और जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह की जेल होगी।
- पुलिस पर झूठे आरोप लगाने के चलते याची को 70 हजार रुपये यूटी पुलिस वेलफेयर फंड में देने होंगे
- पीजीआई के डॉक्टरों का समय बर्बाद करने के चलते 50 हजार रुपये पीजीआई गरीब निधि फंड में देना होगा
- जीएमएसएच 16 के डॉक्टरों का समय बर्बाद करने के लिए 30 हजार रुपये जीएमएसएच 16 के गरीब निधि फंड में देना होगा