पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि याची की चलाई गोली पीड़ित को नहीं लगी, इस आधार पर जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी जतिंदर सिंह ने हाईकोर्ट से 31 मई को दर्ज हत्या के प्रयास मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी।
याची ने बताया कि उसने शिकायतकर्ता के पिता पर नहीं हवा में गोली चलाई थी। याची ने कहा कि गोली जब किसी को छुई तक नहीं तो कैसे हत्या के प्रयास की धारा उस पर लगाई जा सकती है। जमानत का विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि शिकायतकर्ता के पिता पर ही गोली चलाई गई थी लेकिन निशाना चूकने के कारण वह बच गए। इसके साथ ही याची की हिरासत आवश्यक है क्योंकि अभी तक हथियार बरामद नहीं हुआ है।
हाईकोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि शिकायतकर्ता का पिता बच गया हत्या के प्रसास की धारा से याची को बचाने के लिए काफी नहीं है। जिन परिस्थितियों का हवाला दिया जा रहा है वह, ट्रायल कोर्ट को तय करना है। लेकिन याची से हिरासत में पूछताछ जरूरी है ताकि हथियार बरामद किया जा सके। अभी दी गई जमानत जांच को प्रभावित कर सकती है। इन्हीं टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।