कुमार विश्वास ने मामला रद्द करने की हाईकोर्ट से की थी अपील
दरअसल, कुमार विश्वास ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया था। इसी आधार पर एक आप कार्यकर्ता की शिकायत पर रोपड़ में पुलिस ने कुमार विश्वास के खिलाफ केस दर्ज किया था। मगर कुमार विश्वास ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अपील की थी। अब हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।
हाईकोर्ट को कुमार विश्वास ने बताया कि यह एफआईआर न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का उलंघन कर दर्ज की गई है बल्कि यह राजनैतिक रंजिश का नतीजा है। इस एफआईआर को अपने विरोधियों से प्रतिशोध लेने का जरिया बनाया गया है। इन दलीलों के साथ ही एफआईआर को रद्द करने की कुमार विश्वास ने हाईकोर्ट से मांग की थी। कुमार विश्वास ने कहा कि 12 फरवरी के इंटरव्यू को आधार बनाकर रोपड़ में एफआईआर दर्ज की गई जबकि यह इंटरव्यू उन्होंने मुंबई में दिया था।
इस एफआईआर को दर्ज करने में पुलिस ने काफी तेजी दिखाई क्योंकि शिकायत 12 अप्रैल को शाम छह बजकर 10 मिनट पर दी गई और उसी समय शाम सात बजकर 50 मिनट पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसके बाद एसआईटी उनके दिल्ली के आवास पर पहुंची लेकिन वह घर पर नहीं थे। याची ने कहा कि उसे इस एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी गई।
इस एफआईआर की कॉपी पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड ही नहीं की थी जबकि उसके पहले और बाद की अन्य एफआईआर वेबसाइट पर अपलोड थी। 21 अप्रैल को उन्होंने रूपनगर के एसएसपी से एफआईआर की कॉपी मांगी थी जो 22 अप्रैल दोपहर तीन बजकर 20 मिनट में मिली।
कुमार विश्वास ने कहा कि पंजाब में आप की सरकार बनने के बाद से लगातार केजरीवाल विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। यह एफआईआर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होने के साथ ही राजनीतिक रंजिश का नजीता हैं।