हरियाणा सरकार ने बताया है कि हरियाणा में 21 पूर्व और मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ केस दर्ज हैं, जिनमें से 8 केस हरियाणा के पूर्व विधायकों और 2 केस हिमाचल प्रदेश के पूर्व विधायकों के खिलाफ दर्ज हैं। इनके अलावा 3 केस सीबीआई को सौंपे गए हैं। इन 21 में से 15 केस ट्रायल कोर्ट में लंबित हैं और 6 केस अपील और रिवीजन में हैं।
इसके साथ ही चंडीगढ़ ने हाईकोर्ट को बताया है कि चंडीगढ़ में ऐसे 7 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें सभी पंजाब के पूर्व और मौजूदा सांसद और विधायक हैं। इन सभी केसों में जांच जारी है। जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने इस जानकारी को रिकॉर्ड में लते हुए अब केंद्र सरकार को सांसदों और विधायकों के खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा चलाए जा रहे केसों का भी ब्योरा अगली सुनवाई पर देने का आदेश दिया है।
यह था मामला
अश्वनी उपाध्याय बनाम केंद्र सरकार के केस में सुप्रीम कोर्ट ने ही सभी राज्यों के हाईकोर्ट को अपने राज्यों के सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक लंबित मामलों की जानकारी मांगी थी। सभी राज्यों की हाईकोर्ट ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार के राज्यों से यह जानकारी मांगी थी। जो जानकारी सभी राज्यों की ओर से सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई थी। जानकारी के अनुसार देशभर के 1765 सांसदों और विधायकों के खिलाफ 3045 आपराधिक मामले लंबित हैं।