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गुरु नगरी के लोगों ने फूंका पंजाब सरकार का पुतला

Tue, 25 Nov 2014 10:08 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला/अमृतसर
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भगतांवाला व झब्बाल रोड स्थित कूड़े के डंप का विवाद गहरा गया है। क्षेत्र के हजारों लोगों ने शहर में विशाल रोष मार्च का आयोजन कर नगर निगम के कमिश्नर के कार्यालय के बाहर पंजाब सरकार का पुतला फूंका।
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प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पंजाब कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता मंदीप सिंह मन्ना कर रहे थे।


लोगों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन ने हाल बाजार से लेकर नगर निगम कार्यालय तक पूरा इलाका पुलिस छावनी में तबदील कर दिया था। इसके बावजूद नगर निगम और जिला प्रशासन कुछ नहीं कर पाया।
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उधर, नगर निगम के कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि वे निगम कर्मचारियों को डंप पर कूड़ा नहीं फेंकने देंगे। अगर किसी अदालत के आदेश हुए तो फिर वे मजबूर हैं। कमिश्नर के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी वहां से हटे।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मन्ना ने कहा कि सरकार में हिस्सेदार अकाली-भाजपा नेता स्वार्थों की राजनीति के तहत कूड़े के डंप के विवाद को उलझा रहे हैं। लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी और अकाली दल के संसदीय सचिव इद्रंबीर सिंह बुलारिया ने भी गत दिवस सर्किट हाउस में बैठक की, लेकिन उसमें कूड़े के डंप विवाद पर कोई चर्चा नहीं हुई।

उलटे अपने विवादों को ही दोनों नेताओं ने निपटा कर फैसला लिया कि एक दूसरे की वह पोल नहीं खोलेंगे। कूडे़ के डंप का विवाद अब भी बना हुआ है।

कांग्रेसी नेता ने कहा कि अमृतसर में तीन बार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के मुद्दे पर ही भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू  तीन बार लोगों की वोट लेकर संसद में पहुंचे। लेकिन आज विवाद गहरा गया है तो लोगों को सड़कों पर संघर्ष करता छोड़कर पैसे कमाने के लिए सिद्धू मुंबई चले गए हैं।

अपने आप को माझे के जत्थेदार व नेता कहलवाने वाले भी माझा छोड़कर बाहर बैठे हुए हैं। शहर की हालत खराब होती जा रही है। नगर निगम के कर्मचारी शहर से कूड़ा नहीं उठा रहे हैं। शहर की गलियां व बाजार कूड़े के गंदगी के ढेरों में तबदील हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आपसी रंजिश के कारण ही अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए अकाली-भाजपा गठजोड़ ने जालंधर में भी कूड़े को लेकर विवाद पैदा करवा दिया है।

ताकि लोगों का ध्यान असल मुद्दे से हटाकर कूड़े की राजनीति तक ही सीमित किया जाए। अकाली-भाजपा के नेता अपनी लड़ाई की गाज को नगर निगम के अधिकारियों के ऊपर गिराना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि असल में अपनी लड़ाई अकाली-भाजपा के नेता लोगों के ऊपर थोप रहे हैं। लेकिन अमृतसर के लोग किसी कीमत पर सत्ताधारियों की साजिशों को सफल नहीं होने देंगे और संघर्ष कर विजय हासिल करेंगे।
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