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चिन्नी हत्याकांड: देखती रही चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब एजीटीएफ ने मुठभेड़ में दो शूटरों को कैथल से दबोचा

Thu, 19 Mar 2026 03:38 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/कैथल

सार

चंडीगढ़ सेक्टर नाै में प्राॅपर्टी डीलर की बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने करीब से प्रीत नागरा को कई गोली मारी थी।
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कैथल में एनकाउंटर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चंडीगढ़ सेक्टर-9 में बुधवार दिनदहाड़े चरणप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और हरियाणा एसटीएफ करनाल की संयुक्त टीम ने हरियाणा के कैथल जिले के गांव चौशाला में यह कार्रवाई की।

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पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी एक मकान में छिपे हुए थे। जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की, शूटरों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। करीब छह से सात राउंड की क्रॉस फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

मौके से तीन पिस्टल (.32 बोर, .30 बोर और .45 बोर), एक पीएक्स-5 हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। घायलों को पहले कलायत के नागरिक अस्पताल और बाद में कैथल के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब एजीटीएफ टीम दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गहन पूछताछ करेगी।

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पनाह देने वाला भी गिरफ्तार

एजीटीएफ के एसपी विक्रमजीत सिंह बराड़ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में राजन उर्फ पीयूष पहलवान (फिरोजपुर) और प्रीतम शाह (नवांशहर) शामिल हैं। ये दोनों गांव के सुनील नामक व्यक्ति के घर में ठहरे हुए थे। सुनील को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर आरोप है कि उसने आरोपियों को पनाह देने के साथ वाहन और हथियार उपलब्ध करवाए।

विदेश से रची गई साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी राजन उर्फ पीयूष पहलवान पहले भी कई संगीन मामलों में शामिल रहा है। फरीदकोट में हत्या के एक मामले के बाद वह मलयेशिया भाग गया था। वहीं से गैंगस्टर लक्की पटियाल के संपर्क में आकर उसने चिन्नी की हत्या की साजिश रची। वह मलयेशिया से नेपाल पहुंचा और वहां से भारत आकर वारदात को अंजाम दिया।

भागने की पूरी प्लानिंग, फिर भी पकड़े गए

वारदात के बाद दोनों आरोपी चंडीगढ़ से मोहाली होते हुए खरड़-लांडरा मार्ग से बनूड़ पहुंचे। यहां उन्होंने हत्या में इस्तेमाल बाइक छोड़ दी और दूसरी कार के जरिए कैथल पहुंच गए। पुलिस को टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज से अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की गई। सूत्रों के मुताबिक शूटरों की योजना कैथल से उत्तर प्रदेश जाने और वहां से नेपाल के रास्ते विदेश फरार होने की थी। हालांकि इससे पहले ही संयुक्त पुलिस टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी से जल्द कई राज खुलेंगे। मामले की जांच की जा रही है। इसके साथ अन्य आरोपियों की तलाश में छापा मारा जा रहा है।

ऑपरेशन साइलेंट ट्रिगर में दबोचे गए शूटर

चंडीगढ़ पुलिस के साथ-साथ पंजाब पुलिस को भी आरोपियों के ठिकाने को लेकर अहम इनपुट मिले थे। इसके बाद एजीटीएफ के एडीजीपी प्रमोद बान ने डीआईजी गुरमीत सिंह चौहान की निगरानी में ऑपरेशन साइलेंट ट्रिगर की योजना तैयार की। मुख्य आरोपी पीयूष उर्फ पहलवान पहले से ही पुलिस के रडार पर था। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में क्लीनचिट ले चुके पंजाब के रहने वाले जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू के ड्राइवर यादविंदर सिंह की हत्या के मामले में भी वांछित चल रहा था।

चंडीगढ़ में हुई हत्या के 30 घंटे के भीतर पंजाब पुलिस ने पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया। आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। दोनों घायल हैं। एक आरोपी विदेशी हैंडलर के संपर्क में था, जिससे जुड़े और राज सामने आएंगे। गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। - गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब
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