पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने गुरुवार को गुरमिंदर सिंह को पंजाब का नया एडवोकेट जनरल (एजी) नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री के निवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने इसके साथ ही पद छोड़ रहे एडवोकेट जनरल विनोद घई का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया है। घई ने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। नामी वकील गुरमिंदर सिंह का नाम राज्य के सबसे बड़े कानूनी पद के लिए मंजूर कर लिया गया है।
गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद डेढ़ साल में एडवोकेट जनरल के पद पर यह तीसरी नियुक्ति है। इससे पहले सरकार ने 2022 में अनमोल रतन सिद्धू को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया था लेकिन विवाद के चलते उन्हें पद से हटा दिया। बाद में विनोद घई को एडवोकेट जनरल बनाया था।
हाल ही में पंजाब सरकार को राज्य की पंचायतें भंग करने के फैसले पर हाईकोर्ट में फजीहत झेलनी पड़ी और फैसला वापस लेने पर मजबूर होना पड़ा था। इस मामले में सरकार ने अपने दो अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया लेकिन अंततः यह चर्चा तेज हो गई कि एडवोकेट जनरल विनोद घई अदालत में पंजाब सरकार का पक्ष मजबूती से रखने में विफल रहे। इसके साथ ही उन्हें पद से हटाए जाने की चर्चा भी तेज हो गई थी।