अमृतसर के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में स्वीकार किया है कि गुरु नानक देव हॉस्पिटल द्वारा कोरोना पॉजिटिव मरीज प्रीतम सिंह के स्थान पर उसके घर महिला का शव भेज दिया गया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि अब मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई है।
बुधवार को असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस अमृतसर नार्थ सरबजीत सिंह ने हाईकोर्ट में जवाब दायर कर स्वीकार किया कि गलती से शव बदल गए थे। एसीपी द्वारा दी गई जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि आपसे मामले में विस्तृत जवाब मांगा गया था, जो नहीं दिया गया।
सिर्फ यह बताया गया कि इस पूरे मामले में जो गलती हुई है उसके लिए कौन जिम्मेदार है, उसकी जांच एसडीएम को सौंप दी गई है। याचिकाकर्ता के वकील सतिंदरदीप सिंह बोपाराय ने बताया कि अब हाईकोर्ट ने सरकार को दो दिनों के भीतर विस्तृत जानकारी दिए जाने के आदेश दे दिए हैं कि वह बताए प्रीतम सिंह जीवित हैं या मृत।