नरमा, कपास, बाजरा, ग्वार, मूंग आदि खरीफ फसलों व सब्जियों में बारिश का पानी ज्यादा देर तक जमा न रहने दें। कपास की फसल में कीटों व रोगों का प्रकोप हो सकता है।
प्रदेश में अब तक 179.3 एमएम बारिश
हरियाणा में पिछले चार दिनों से मानसून सक्रिय होने से सरप्लस बारिश हो गई है। एक जून से 22 जुलाई (सुबह 8.30 बजे तक) तक प्रदेश में 179.3 एमएम बारिश हो चुकी है। इस अवधि में 156.4 एमएम सामान्य बारिश होती है। इस तरह प्रदेश में 15 फीसदी अधिक बारिश हो गई है। प्रदेश में मानसून सीजन में 410 एमएम औसत बारिश होती है। कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और सिरसा में सर्वाधिक तथा अंबाला, महेंद्रगढ़, मेवात, पलवल, रेवाड़ी व रोहतक में अब तक कम बारिश हुई है।
- जिला बारिश (एमएम)
- करनाल 60.8
- कैथल 49.0
- फरीदाबाद 33.6
- यमुनानगर 32.0
- कुरुक्षेत्र 29.7
- जींद 23.14
- फतेहाबाद 21.3
- गुरुग्राम 19.3
- झज्जर 16.8
- पलवल 16.8
- भिवानी 16.7
- पानीपत 16.0
- सिरसा 14.0
- हिसार 11.4
- अंबाला 9.0
-
- ब्लॉक बारिश (एमएम)
- इंद्री 110
- नीलोखेड़ी 90
- जगाधरी 80
- कैथल 70
- करनाल 70
- भिवानी 50
- जुलाना 42
- टोहाना 40
- नरवाना 34
- उचाना 31
- बहादुरगढ़ 30
- जींद 28
ग्रुरुग्राम : नागरिक अस्पताल के बेसमेंट में भरा पानी
बारिश से नागरिक अस्पताल के बेसमेंट में सबसे ज्यादा जलभराव हुआ। स्थिति यह रही कि जलभराव के चलते अस्पताल के बेसमेंट में संचालित जन्म मृत्यु पंजीकरण विभाग, फिजियोथैरेपी व बाल मनोरोग विभाग समेत अन्य सभी विभागों को बंद करना पड़ा।