गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘खुद को पिंजरे से आजाद महसूस कर रहा हूं।’ ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने 30 साल से ज्यादा सर्विस कर ली थी और 50 साल से अधिक उम्र हो गई है। ऐसे में वह वीआरएस लेने के योग्य थे
पंजाब पुलिस के एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने वीआरएस (ऐच्छिक सेवानिवृत्ति) ले ली है। पंजाब सरकार ने उनके वीआरएस को मंजूर कर लिया है। पंजाब में आतंकवाद और कई चुनौतीपूर्ण स्थितियों में अपनी सेवाएं देने वाले पूर्व एडीजीपी ढिल्लों ने खुद इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।
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ढिल्लों ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘खुद को पिंजरे से आजाद महसूस कर रहा हूं।’ ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने 30 साल से ज्यादा सर्विस कर ली थी और 50 साल से अधिक उम्र हो गई है। ऐसे में वह वीआरएस लेने के योग्य थे, जिसके चलते ही वीआरएस ली है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह बेहतरी के लिए समाज के लिए काम करेंगे। चर्चा है कि ढिल्लों जल्द ही किसी राजनीतिक दल का दामन थाम सकते हैं।
खुद को पिंजरे से आजाद महसूस करने की उनकी टिप्पणी पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने कहा कि पुलिस का एक बड़ा अफसर महकमे में रहकर खुद को पिंजरे में महसूस कर रहा था, तो यह एक चिंताजनक स्थिति है। इस पर ढिल्लों ने कहा कि पुलिस की सर्विस यूनिफॉर्म के दायरे में रखकर करनी पड़ती है। अपने हाव-भाव छोड़कर एक डिस्पिलनरी फोर्स के तौर पर काम करना होता है। बहुत सारी बातें ऐसी होती हैं कि हम खुलकर अपना पक्ष भी नहीं रख सकते, क्योंकि हम एक सर्विस से जुड़े होते हैं। गुरिंदर सिंह ढिल्लों 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। लोकसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर वह बोलने से बचते रहे। उन्होंने कहा था कि इस पर उनका परिवार ही फैसला करेगा।