पंजाब रोडवेज/पनबस कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की तरफ से अपनी मांगों के लिए सोमवार को पंजाब रोडवेज डिपो बटाला में हड़ताल की गई। इस हड़ताल के चलते पनबस की सभी बसें डिपो में ही खड़ी रही। इस मौके पर यूनियन नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
इस दौरान चेयरमैन सेंटर बॉडी परमजीत सिंह कोहाड़, सेक्रेटरी बलजीत सिंह गिल और डिपो प्रधान प्रदीप कुमार ने बताया कि वह पिछले लंबे समय से सरकारों से मांगों को लागू करने को कह चुके हैं, लेकिन किसी भी सरकार ने उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया।
सरकार बराबर काम बराबर वेतन नहीं दे रही और न ही कच्चे कर्मियों को पक्का किया जा रहा है। उनकी ओर से बार-बार नोटिस देने और प्रदर्शन व गेट रैलियां करने के बावजूद सरकार और विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा। इस कारण उन्हें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी है। अगर सरकार ने पनबस कर्मियों की मुश्किलों के प्रति नरम रवैया न अपनाया तो वह संघर्ष को तेज करेंगे।
इस अवसर पर गुरजीत सिंह घोड़ेवाह, अवतार सिंह, जोगिंदर सिंह सेक्रेटरी ऐटक यूनियन ने भी पनबस कर्मियों को समर्थन दिया। इस मौके पर परमिंदर सिंह, जगदीप सिंह, जगरूप सिंह, रछपाल सिंह, टहल सिंह, अवतार सिंह, सुरिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, रमन कुमार, कुलदीप सिंह, हरदीप सिंह, सुक्खा सिंह, सुरिंदर सिंह, नविंदरपाल सिंह, जगदीप मल्ली, साबी, हरपाल सिंह और बलदेव सिंह मौजूद थे।
यूनियन की मांगें
पनबस में काम कर रहे आउटसोर्स कांट्रेक्ट वर्करों और रोडवेज तजुर्बे के आधार पर पक्का किया जाए। पंजाब रोडवेज/पनबस में आउटसोर्स भर्ती पर पाबंदी लगाई जाए और काम कर रहे वर्करों को विभाग में मर्ज किया जाए। बराबर काम बराबर वेतन लागू करके वेतन में बढ़ोतरी की जाए। पनबस की तर्ज पर पनबस स्टाफ को रोडवेज में मर्ज करने की मांग की। पंजाब रोडवेज पनबस की वर्कशापों को ठेके पर न किया जाए। टिकट की जिम्मेदारी बाहरी राज्यों के जैसे यात्रियों की जाए। पंजाब रोडवेज वाले सारे कानून पनबस वर्करों पर लागू किए जाएं।