पंजाब सरकार ने 15 जून को बड़े जोर-शोर से दिल्ली एयरपोर्ट के लिए सीधी बस सेवा शुरू की थी। पनबस ने अपनी 13 बसों का समझौता दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी से कर लिया, जबकि पीआरटीसी की छह बसों को लावारिस छोड़ दिया। पीआरटीसी की बसों में दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले यात्री पसीने से लथपथ होने लगे, क्योंकि उन्हें एयरपोर्ट से एक किलोमीटर पीछे उतार दिया जा रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल हवाई अड्डे के लिए बस सेवा की शुरुआत की थी। पंजाब के विभिन्न शहरों से 19 बसें चलाई गई थीं। इनमें 13 बसें पनबस की थीं, जबकि छह पीआरटीसी की। सरकार ने केवल 1170 रुपये के किराये के साथ दिल्ली एयरपोर्ट के लिए लग्जरी बस सेवा शुरू कर दावा किया था कि इससे एनआरआईज को काफी सहूलियत मिलेगी। जालंधर बस स्टैंड से दिल्ली एयरपोर्ट तक रोजमर्रा के 7 वॉल्वो बसें चलनी शुरू हो गईं। एयरपोर्ट के लिए बसें अमृतसर, पठानकोट, लुधियाना, होशियारपुर, कपूरथला और पटियाला से शुरू की हैं।
पंजाब सरकार के परिवहन विभाग को सीधा समझौता दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी के साथ करना चाहिए था। इसके विपरीत पनबस के अधिकारियों ने समझौता कर दिया। नतीजतन, दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी ने पनबस को अंदर आने की अनुमति दे दी, लेकिन पीआरटीसी की छह बसों को घुसने ही नहीं दिया। काफी गुजारिश के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी ने यह कहकर पीआरटीसी की बसों को अंदर आने दिया कि एक दो दिन के भीतर समझौता कर दिखाया जाए, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने इसकी परवाह ही नहीं की। आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी ने पीआरटीसी की बसों का आना बंद कर दिया।
दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को संतूर होटल के पास उतारा जाने लगा। इससे यात्री काफी परेशान हो रहे थे। स्थानीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने फोन के जरिये दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी को समझाने की कोशिश की, लेकिन उधर से जवाब मिला कि हमारा आपके साथ समझौता ही नहीं है, हमारा समझौता पनबस के साथ है। आनन-फानन एक टीम को दिल्ली रवाना किया गया। उन्होंने मामला सुलझाया और एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी को आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह हर हाल में पीआरटीसी का समझौता लिखित रूप में करवा दिया जाएगा।
टीम ने दिल्ली जाकर मामला सुलझा लिया गया है। उम्मीद है कि सोमवार को लिखित रूप से पीआरटीसी व दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग अथॉरिटी के बीच समझौता करवा दिया जाएगा। यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार वचनबद्ध है। - परनीत सिंह मिन्हास, डिप्टी डायरेक्टर, पंजाब रोडवेज।