गिल ने आरोप लगाया कि पंजाब की मौजूदा कांग्रेस सरकार अकाली-भाजपा गठबंधन के मंत्रियों व विधायकों की चल रही ट्रांसपोर्ट तथा भ्रष्ट अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए पंजाब रोडवेज व पनबसों को घाटे में दिखा कर ट्रांसपोर्ट को प्राइवेट करने की चाल चली जा रही है।
पंजाब सरकार बस अड्डों पर प्राइवेट ट्रांसपोर्ट को अधिक टाइम देकर रोडवेज का आर्थिक नुकसान कर रही है। पनबस के अब तक पांच ठेकेदार बदले गए हैं। वर्करों की नाजायज कटौतियों व फंडों में बड़े घोटालों को अधिकारियों द्वारा क्लीन चिट देकर साफ किया जाता है। उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार अब आया है वह जो शर्तें मुलाजिमों पर लगा रहा है, उससे वर्करों का आर्थिक शोषण और बढ़ेगा।
इस अवसर पर पंजाब सीटू के जर्नल सेक्रेटरी रघुनाथ ने पनबस कर्मियों की तीन दिवसीय हड़ताल का पूरा समर्थन करने का एलान किया। इस मौके पर रेशम सिंह गिल, बलजीत सिंह गिल, केवल कुमार, राम दियाल, भगत सिंह, भूपिन्द्र सिंह, जलौर सिंह तथा सुनील कुमार आदि भी हाजिर थे।
ऐसे किया जाएगा तीन दिन का संघर्ष
विधानसभा द्वारा वर्ष 2016 में पास ठेका व आउटसोर्सिंग द्वारा भर्ती किए गए मुलजिमों को पक्का करने वाला कानून सरकार जानबूझ कर पास नहीं कर रही है। उन्होंने एलान किया कि 24 जून को डिपुओं के आगे पंजाब सरकार व भ्रष्ट अधिकारियों के पुतले जलाए जाएंगे।
28 जून को जालंधर, लुधियाना व अमृतसर बस अड्डों पर रोष रैलियां की जाएगी। 2 जुलाई से 4 जुलाई तक तीन दिवसीय चक्का जाम करके हड़ताल की जाएगी। 3 मार्च को मुख्यमंत्री की पटियाला स्थित आवास व परिवहन मंत्री के आवास के आगे रोष रैलियां की जाएंगी।