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पाक सेनाध्यक्ष को झप्पी के सवाल पर तिलमिलाए सिद्धू, बोले- 'अपनी बात पर अडिग रहूंगा'

Sun, 17 Feb 2019 11:28 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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नवजोत सिद्धू
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पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर बाजवा को झप्पी डालने के सवाल पर नवजोत सिंह सिद्धू तिलमिला गए और दो टूक जवाब देते हुए बोले कि मैं अपनी बात पर कायम रहूंगा। आतंकवाद का न कोई देश होता है, न जात, न धर्म, लेकिन उनके इस पूरे बयान का सिर्फ एक हिस्सा दिखा कर बवाल खड़ा किया गया है।
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सिद्धू लुधियाना में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान सिद्धू ने कहा कि मेरा सवाल यह है कि अगर कोई नेता जाता है, तो पूरा शहर बंद हो जाता है, लेकिन जब सेना के जवान निकलते है तब रास्ते बंद क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने दावा किया कि चार लोगों की वजह से करतारपुर कॉरिडोर पर सवालिया निशान नहीं लग सकता है, क्या प्रधानमंत्री के निर्णय पर सवालिया निशान लगेगा।

मुझे तो न्योता देकर बुलाया गया था
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पाकिस्तान जाकर पाक सेना प्रमुख को झप्पी डालने के सवाल पर सिद्धू पूरी तरह से तिलमिला गए। उन्होंने कहा कि मुझे तो पाकिस्तान में न्योता देकर बुलाया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री बिना बुलाए वहां से चले गए थे।
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उनके लौटने के कुछ समय बाद ही पठानकोट हमला हो गया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गए तो कारगिल युद्ध हो गया। जब मैं गया तो वहां से सिर्फ शांति की आवाज ही आई। जो लोग अब मेरे खिलाफ बातें कर रहे हैं, उनसे पूछा जाए वो भी तो साथ गए थे। कश्मीर का एक पक्का इलाज होना चाहिए। जवान पर बार-बार हमला क्यों होता है।
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कुछ लोगों के लिए पूरे देश को दोषी नहीं ठहरा सकते: सिद्धू

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पूरे देश में रोष है। इस घटना से कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू की स्थिति अजीब हो गई। एक तरफ देश, तो दूसरी तरफ हमले के लिए जिम्मेदार पाक के पीएम और उनके दोस्त इमरान खान। सिद्धू ने हमले की कड़ी निंदा की, पर दोस्ती भी निभाई। किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के लिए पूरे देश या व्यक्तियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान सिद्धू ने कहा कि पुलवामा हमला एक निंदनीय और कायरतापूर्ण कार्य है। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। कभी भी जान लेना कोई हल नहीं हो सकता। आतंकवाद का न कोई मजहब होता है, न कोई जात होती है, न ही कोई पार्टी, न देश। मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं। लेकिन उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या इस घटना का दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया पर कोई असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि हर देश, संस्था में अच्छे और बुरे लोग होते हैं। बुरे लोगों को सजा दी जानी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों के लिए किसी व्यक्तियों को दोष नहीं दिया जा सकता। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जहां खुल कर इमरान और पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर हमला बोला। सिद्धू ने दोनों में से किसी का नाम नहीं लिया। गौरतलब है कि इमरान खान के शपथ ग्रहण में गए सिद्धू की पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ जफ्फी के चलते पंजाब से लेकर दिल्ली तक लोगों की भौंहें तन गई थीं।

सीएम ने भी कह दिया था कि जिस बाजवा के इशारे पर रोज हमारे फौजी शहीद हो रहे हैं, सिद्धू को उससे गले नहीं मिलना चाहिए था। बाद में जब पाक ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने का प्रस्ताव दिया और भारत सरकार ने भी हामी भरी, तब जाकर समीकरण बदले थे। लंबे समय तक लोगों के निशाने पर रहे सिद्धू को ही आखिर करतारपुर साहिब कॉरिडोर का क्रेडिट मिला।
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