केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने मंत्री नवजोत सिद्धू का नाम लिए बिना कहा कि पाकिस्तान के साथ ‘झप्पी’ की राजनीति करने वालों को हकीकत समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय भी खबरदार किया गया था, जब वह करतारपुर कॉरिडोर का नींव पत्थर रखने पाकिस्तान गए थे। उन्होंने इस प्रतिनिधि को कहा था कि पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल बाजवा को झप्पी डालने से पहले इस बात का विश्लेषण कर लें कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के काम में कोई परिवर्तन नहीं आया है।
पाकिस्तान सरकार आज भी आईएसआई के रिमोट से चलती है। इस दौरान पुरी ने कहा कि करतारपुर साहिब गलियारा का निर्माण बहुत ही सकारात्मक संदेश था। पुलवामा के आतंकी हमले के बाद इस पर अमल कैसे किया जाना है इस पर भी केंद्र सरकार विचार करेगी। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलवामा की घटना का प्रभाव करतारपुर कॉरिडोर निर्माण पर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि इस पर वह अभी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
पाकिस्तान पिछले तीन दशकों से भारत में आतंकवाद फैला रहा है। इस सच्चाई को याद रखना होगा। आतंकवादी घटनाओं के बाद पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध नहीं रखे जा सकते। इसलिए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है।