पुलवामा आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों उन्हें निकालने की मांग कर रहे हैं, इसलिए स्टूडेंट्स गुरुद्वारों में रहने को मजबूर हैं। हमले के बाद विभिन्न राज्य या शहर कश्मीरी विद्यार्थियों या लोगों को परेशान करने के चलते सुर्खियों में हैं, वहीं वीआईपी जिला मोहाली कश्मीरी लोगों के लिए मददगार बनकर उभरा है। जिले के धार्मिक स्थानों ने भी अब कश्मीरी लोगों के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं।
इसी कड़ी में गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना ने भी पहल की है। रविवार को जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन की तरफ से लांडरां में खोले गए शेल्टर होम में पहुंचे गुरुद्वारा कमेटी के मेंबर अमरिंदर सिंह ने बताया कि उनकी तरफ से ऐसे लोगों को खाना और रहने की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें गलत भी क्या है। हमले के लिए कश्मीरी छात्र जिम्मेदार नहीं हैं। उनको बेवजह परेशान किया जाना गलत है।
खौफ में दो दिन कमरे में बिताए
देहरादून से मोहाली पहुंचे समीर नाम के एक कश्मीरी युवक ने बताया कि वह अपने कमरे में थे। 15 फरवरी को उनके दो मित्र कमरे में आए। इसी बीच कुछ ओर लोग आए। उन्होंने उनका दरवाजा खटखटाया, साथ ही उन्हें गालियां देने लगे। इसी बीच वह काफी डर गए, लेकिन उन्होंने कमरा नहीं खोला। दो दिन तक वह कमरे में ही बंद रहे। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्तों से संपर्क किया, साथ ही मोहाली आने का निर्णय लिया।
माहौल ठीक होते ही जारूंगा कश्मीर
इस दौरान इम्तियाज ने कहा कि दो दिन तक उन्होंने कुछ खाया तक नहीं, क्योंकि माहौल कुछ ठीक नहीं था। उन्होंने कहा कि कुछ दिन मोहाली में रहेंगे। इसके बाद वह कश्मीर के लिए रवाना होगा।
घर में घुसकर कश्मीरी युवकों को मारा
अंबाला स्थित मुलाना से आए अकीब अहमद ने कहा कि वहां पर माहौल काफी खराब था। वहां पर कश्मीरी लड़कों से मारपीट हुई है। अब हवाई जहाज का किराया भी काफी अधिक है। ऐसे में कुछ दिन मोहाली रहेंगे। इसके बाद कश्मीर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं। वह इस हमले की निंदा करते हैं।
चालीस छात्र पहुंच गए शेल्टर होम में
जेकेएसओ के अध्यक्ष ख्वाजा इतरत ने कहा कि देहरादून व अंबाला चालीस छात्र आए हैं जबकि बीस और छात्र आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि वह जिला प्रशासन से आग्रह करेंगे कि ऐसे लोगों को आवास की सुविधा मुहैया करवाएं ताकि उन्हें परेशानी न उठानी पड़े।
पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी विद्यार्थियों में भय
पुलवामा में आतंकी घटना के बाद देश के कुछ हिस्सों में कश्मीरी लोगों को अटैक किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे कश्मीरी लोगों में भय का माहौल है। पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों को भी डर सता रहा है। वह छात्र नेताओं से खुद संपर्क कर रहे हैं। साथ ही छात्र नेता भी उनके संपर्क में हैं ताकि कोई दिक्कत कश्मीरी विद्यार्थियों को हो तो स्थिति संभाल ली जाए।
पीयू में कश्मीरी छात्र छात्राओं की संख्या 500 से अधिक है। यह युवा पीयू के हर कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पढ़ाई में भी उनका बेहतर योगदान है। सभी विद्यार्थी मिलजुल कर रहते हैं। इस बीच पुलवामा में हुई घटना के बाद कश्मीरी विद्यार्थियों पर हमला किया गया। पीयू के इन विद्यार्थियों को डर सता रहा है। कुछ छात्र नेताओं ने इन विद्यार्थियों से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया है कि वह डरें नहीं, यहां माहौल ठीक है।
कुछ विद्यार्थियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्हें वाकई डर लग रहा है। इसलिए वह दो से चार दिन हॉस्टल या अपने परिचितों के घर चले गए हैं। वहीं दूसरी ओर उनके परिजन भी इसको लेकर चिंतित हैं। वह अपने बच्चों से पल पल की जानकारी ले रहे हैं। कुछ विद्यार्थी अपने घर भी चले गए हैं।
अनहोनी से डरे कश्मीरी छात्र, डीसी-एसपी ने दिया सुरक्षा का आवश्वासन देकर मनाया
पुलवामा हमले के बाद मुलाना में कश्मीरी छात्रों के हरियाणा के अंबाला जिले के मुलाना शहर में लोगों के रोष के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। एक ओर जहां कश्मीरी छात्र की पिटाई कर करने का वीडियो वायरल हो रहा है, वहीं कथित रूप से एक कश्मीरी छात्र के सिर में बाल्टी मारने की अफवाह है। इससे दहशत में आए कश्मीरी छात्र रविवार को पुलिस सुरक्षा में अंबाला से पंचकूला तक भेजने की मांग पर अड़े रहे। करीब पांच घंटे तक बातचीत के बाद आखिरकार देर शाम करीब 8 बजे छात्रों ने प्रशासन पर भरोसा जताया और फिलहाल यहीं रहने की बात कही है।
हालांकि इस दौरान कुछ कश्मीरी छात्रों के मुलाना छोड़ने की भी बात सामने आ रही है। एमएमयू में करीब 200 कश्मीरी छात्र हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में करीब 700 कश्मीरी मौजूद हैं। कश्मीरी छात्र डीसी शरणदीप कौर बराड़ और एसपी आस्था मोदी से अपनी सुरक्षा की दुहाई देते हुए दिनभर पंचकूला तक छोड़ने की मांग करते रहे। देर शाम छात्रों के मानने पर पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। डीसी व एसपी ने भी हालात तनावपूर्ण देखते हुए रात्रि मुलाना में ही रूकने का निर्णय लिया। एमएमयू में भी पुलिस तैनाती रहेगी। क्षेत्र में पुलिस को अलर्ट किया गया है ताकि कहीं कोई घटना न हो।
यह है मामला
पुलवामा आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने पर मुलाना के लोगों में गुस्सा है। मुलाना में पंचायत ने मुनादी करवा दी थी कि क्षेत्र में जो भी कश्मीरी रह रहे हैं, वे 24 घंटे में वापस चले जाएं। इसी को लेकर शनिवार को भी विवाद रहा। बाद में मुलाना के सरपंच नरेश ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं बोला था। हालांकि शनिवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों के सामने बातचीत की और मामला काफी हद तक शांत रहा। रविवार को फिर से मामले ने तूल पकड़ लिया। बताया जाता है अन्य कश्मीरी कामगारों को, जो विभिन्न हिस्सों में रेहड़ी आदि लगाते हैं, को भी अपनी आईडी जमा करवाने के लिए कहा गया था।
इस तरह से बिगड़ा मामला
रविवार को एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें एक कश्मीरी छात्र को पीटते हुए दिखाया गया। इस वीडियो में छात्र से पूछा गया कि वे कब जाएंगे, जिस पर कश्मीरी छात्र जल्द जाने की बात करता है। इसके बाद एक अन्य कश्मीरी छात्र आया और उसके हुई बहस के बाद एक व्यक्ति उस पर जूते से प्रहार कर देता है। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि बीएससी मेडिकल के छात्र पर किसी ने बाल्टी से वार कर दिया है। हालांकि पुलिस में इसकी शिकायत नहीं है, लेकिन यह बात इतनी तेजी से फैली की कश्मीरी युवक दहशत में आ गए और सभी एमएम यूनिवर्सिटी मुलाना में एकत्रित हुए।
मामला शांत नहीं हुआ तो एसपी व डीसी को दी जानकारी
सिटी मजिस्ट्रेट अंबाला सुशील कुमार, एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, नायब तहसीलदार अमित वर्मा, डीएसपी सुधीर तनेजा व मुलाना थाना प्रभारी हरभजन सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन कश्मीरी युवक कश्मीर जाने की जिद पर अड़े रहे। करीब 5 घंटे तक एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार व डीएसपी सुधीर तनेजा उनको समझाते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
डीएसपी सुधीर तनेजा ने एसपी अंबाला को घटना से अवगत करवाया जिसके बाद डीसी शरणदीप कौर बराड़ व एसपी आस्था मोदी मौके पर पहुंचीं। कश्मीरी छात्रों को समझाने के लिए दोनों अधिकारियों ने काफी देर तक बातचीत की। इस दौरान मुलाना के सरपंच ने भी आश्वासन दिया, लेकिन छात्रों में भय का माहौल है और वे किसी भी कीमत पर कश्मीर वापस लौटना चाहते हैं।
सीसीटीवी का भी दिया आश्वासन
कश्मीरी छात्रों को मनाने के लिए अधिकारियों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। एसपी आस्था मोदी ने कश्मीरी युवकों को कहा कि वह चिंता न करें पुलिस की पूरी मदद रहेगी। एमएम यूनिवर्सिटी में पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा करेंगे, जबकि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए जाएंगे। हर गतिविधि उनमें कैद होगी, लेकिन आप लोग मत जाओ चिंता मत करो। काफी मान मनौव्वल के बाद छात्र माने।
कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, जबकि छात्रों ने न जाने की बात मान ली है। हर स्तर पर इन छात्रों को सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी।
- आस्था मोदी, एसपी अंबाला
स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है, जबकि कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन उनके साथ है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला