करतारपुर कॉरिडोर पर जहां पुलवामा आतंकी हमले के बाद संकट के बादल छाए हुए हैं, वहीं किसानों ने भी सरकार को कड़ी चेतावनी देकर अपना पक्ष साफ कर दिया है। कॉरिडोर बनाने के लिए जिन किसानों के खेत रास्ते में आते हैं उनके लिए अभी तक सरकार जमीन का मुआवजा निश्चित नहीं कर पाई। अब किसानों ने इस मुआवजे की राशि को लेकर एकजुट होना शुरू कर दिया और जमीन का दाम उनके मुताबिक न मिलने पर संघर्ष करने की चेतावनी भी दी है। शनिवार को भारत-पाक सीमा पर स्थित गुरुद्वारा सिद्ध सोह रंधावा में किसान बचाओ कमेटी के बैनर तले एक मीटिंग की गई।
इस मीटिंग में डेरा बाबा नानक के उन सभी किसानों ने हिस्सा लिया जिन किसानों की जमीन कॉरिडोर में आती है। मीटिंग की अगुवाई कमेटी के उप प्रधान सूबा सिंह ने की। इस मौके पर सूबा सिंह ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक उनको अपनी जमीनों का सही मूल्य नहीं मिल जाता, तब तक वह किसी भी उच्चाधिकारी को अपनी जमीन एक्वायर नहीं करने देंगे। सोमवार को किसानों की एसडीएम डेरा बाबा नानक अशोक कुमार शर्मा के साथ इस संबंधी मीटिंग की जानी है। अगर मीटिंग में कोई हल न निकला तो वह मंगलवार से भारत-पाक सीमा के पास जहां से करतारपुर कॉरिडोर के लिए रास्ता निकलना है, वहां पक्का धरना लगाएंगे।
अब वह अपनी जमीन के मूल्य के लिए किसी भी उच्चाधिकारी के पास नहीं जाएंगे। गांव जोड़ियां खुर्द के बलदेव सिंह ने बताया कि अगर किसानों ने सरकार से बनता मूल्य लेना है तो उनको अपनी एकता दिखानी होगी। किसानों ने मांग की कि एक लाख रुपये प्रति मरला, फसलों का बनता मुआवजा, किसान के परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी आदि मांगों को पूरा किया जाए। इस अवसर पर सूबा सिंह, शमशेर सिंह, गुरहरप्रीत सिंह लाडी, जोगिंदर सिंह, हीरा सिंह, हरप्रीत सिंह, मलूक सिंह, गुरकंवरपाल सिंह, बिक्रमजीत सिंह, बलराज सिंह, सुखदेव सिंह, लवप्रीत सिंह, बलजीत सिंह, शमशेर सिंह, साहिब सिंह, मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह और हरदीप सिंह मौजूद थे।