चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में बनने जा रहा वाइस चांसलर कार्यालय अब नहीं बनेगा। इस पर खर्च होने वाली रकम अब छात्रों की सुविधाओं व अन्य कार्यों पर खर्च होगी। बताया जा रहा है कि वीसी प्रो. राजकुमार ने इसके लिए मना कर दिया है। उनकी राय है कि पहले पीयू के अति महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बजट जारी होना चाहिए, उसके बाद अन्य कामों पर। फिलहाल इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पीयू को प्रख्यात संस्थानों की सूची में शामिल करने के बाद मिलने वाली रकम से यह कार्यालय बनाया जाएगा, क्योंकि प्रख्यात सूची में पीयू के आते ही हर साल 100 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो दस साल तक मिलते रहेंगे। यह रकम पीयू को मिलेगी तो पीयू दौड़ेगा। छह माह पहले प्लान बना था कि नया वीसी कार्यालय पीयू में बनेगा। इसके लिए चार हजार स्क्वायर फीट जगह तय की गई थी। साथ ही चार करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होने थे। पूरा प्लान तैयार होकर फाइनेंस कमेटी के पास पहुंचा और वहां भी अप्रूवल मिल गई। इसी दौरान पीयू को केंद्र सरकार व अन्य मद से पैसे मिलने थे, लेकिन वह नहीं मिल पाए। उस पैसे के मिलने में देरी हुई। बताया जाता है कि इसी कारण वीसी कार्यालय का निर्माण रोक दिया गया। सूत्रों का कहना है कि वीसी ने सोचा की नए कार्यालय बनाने के अलावा पीयू के लिए कई जरूरी कार्य हैं जो पैसे से ही होेंगे, इसलिए कार्यालय के प्रस्ताव पर रोक लगा दी गई। मालूम हो कि वर्तमान कार्यालय में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। वीसी ऑफिस से जुड़े महत्वपूर्ण पटल दूसरी जगह संचालित हैं। उन्हें एक छत के नीचे लाने के लिए ऐसा प्रस्ताव तैयार किया गया था। हालांकि अभी यह प्लान आगे काम आएगा, लेकिन पहले पीयू पैसे जुटाएगा।
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छात्रों के लिए सिंगल विंडो पर तेजी से चल रहा काम
पीयू के छात्रों के अब सभी कार्य एक ही विंडो पर होंगे। पीयू में सिंगल विंडो सिस्टम शुरू होने जा रहा है। डिग्री हो या फिर डिप्लोमा या किसी अधिकारी के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करवाने हों, सभी कार्य इस पर होंगे। पीयू प्रशासन ने सिंगल विंडो खोलने के लिए खाका तैयार कर लिया है। अब यह धरातल पर उतारे जाने की योजना है। पीयू वीसी प्रो. राजकुमार ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम पर काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही पूरा हो जाएगा।