हरियाणा के सरकारी व अनुबंधित कर्मचारियों को जुलाई महीने के वेतन की अदायगी पहले की तरह ही होगी। परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता सरकार ने फिलहाल खत्म कर दी है। कर्मचारियों और अधिकारियों का जुलाई का वेतन अगस्त में खाते में सीधा जाएगा।
इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय ने पुराने आदेशों को वापस लेते हुए नए आदेश जारी कर दिए हैं। जिससे लाखों कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। चूंकि, पुराने आदेशों में मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से सभी विभागों को कहा गया था कि जुलाई का वेतन जारी होने से पहले सभी अपने परिवार पहचान पत्र बनवा लें। अन्यथा वेतन जारी नहीं होगा। इन आदेशों का कर्मचारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया था, जिस पर सरकार ने कदम पीछे खींच लिए।
यह है योजना
सिंगापुर और ब्राजील की तर्ज पर अब हरियाणा में हर परिवार का पहचान पत्र होगा। प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ आने वाले समय में इसी पहचान पत्र के जरिये मिलेगा। रिकॉर्ड अपडेट होने पर प्रदेश के 55 लाख परिवारों को कार्ड मिलेंगे। कार्ड मिलने के बाद सरकारी योजनाओं के लिए पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया जाएगा।
आधार कार्ड की तरह ही पूरे परिवार की एक अलग पहचान होगी, जिसमें परिवार के मुखिया का नाम सबसे ऊपर होगा। जन्म के साथ ही इसमें परिवार के सदस्य का नाम शामिल हो जाएगा और जब लड़की शादी के बाद ससुराल जाएगी तो उसका नाम ससुराल के परिवार में शामिल कर दिया जाएगा।
यह होगा फायदा
इस योजना से पात्र परिवारों को योजनाओं का सही समय पर लाभ मिलेगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ ही पात्र परिवारों के सही आंकड़े भी सामने आएंगे। अर्थ एवं सांख्यिकीय विश्लेषण विभाग के पास जिलावार परिवारों का डाटा उपलब्ध रहेगा, जिसे अन्य विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए उपयोग कर सकेंगे।