हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन छह विधेयक पारित किए गए। इनमें पंजाब श्रमिक कल्याण निधि (हरियाणा संशोधन) विधेयक-2021, हरियाणा आकस्मिकता निधि (संशोधन)विधेयक-2021, हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021, हरियाणा संक्षिप्त नाम संशोधन विधेयक-2021, हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 और हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक-2021 शामिल हैं।
पंजाब श्रमिक कल्याण निधि, (हरियाणा संशोधन) विधेयक-2021
यह विधेयक श्रमिकों और उनके आश्रित पारिवारिक सदस्यों के कल्याण को बढ़ावा देगा। संशोधन के जरिए निधि की प्राप्ति के ढंग को प्रयोजन व उद्देश्यों के लिए आसान बनाया गया है।
हरियाणा आकस्मिकता निधि (संशोधन) विधेयक-2021
कोविड-19 व अन्य महामारी के कारण उत्पन्न आपातकालीन खर्चों को पूरा करने के लिए आकस्मिक निधि 200 करोड़ से बढ़ाकर 1000 करोड़ की गई है।
हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक-2021
इसके जरिए ग्राम पंचायतों, ग्राम समितियों व जिला परिषदों के पांच साल का कार्यकाल इनकी पहली बैठक से शुरू होगा।
हरियाणा संक्षिप्त नाम संशोधन विधेयक-2021
इस विधेयक के जरिए हरियाणा के 154 कानूनों से पंजाब शब्द हटाया गया है। विधानसभा ने इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी। उसकी सिफारिशों के बाद पंजाब शब्द हटाने के लिए विधेयक का ड्राफ्ट तैयार किया गया। राज्य में लागू कानूनों में अब भी ‘पंजाब’ व ‘पूर्वी पंजाब’ शब्द का प्रयोग हो रहा है। ये शब्द सरसरी तौर पर पढ़ने व कानून लागू करने में जमीनी स्तर पर लोगों के बीच संदेह उत्पन्न करते हैं। इसलिए विधेयक के जरिए ‘पंजाब अधिनियम’ व ‘पूर्वी पंजाब अधिनियम’ को हरियाणा के कानूनों से संशोधित किया गया है।
हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2021
31 मार्च को खत्म हो रहे वित्त वर्ष के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा की संचित निधियों में से 173901,32,26,602 रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने के लिए हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2021 पारित किया गया।