सुखपाल सिंह खैरा ने इसी वर्ष 6 जनवरी को आम आदमी पार्टी की सदस्य्ता से त्यागपत्र दे दिया था और बाद में अपनी पार्टी पंजाब एकता पार्टी का गठन किया था। इसी वर्ष हुए लोकसभा चुनावों में वह पंजाब एकता पार्टी के टिकट से बठिंडा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। बलदेव सिंह भी आम आदमी पार्टी को छोड़ पंजाब एकता पार्टी में शामिल हो चुके हैं और वह भी इसी वर्ष फरीदकोट सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
नाजर सिंह मनशाहिया और अमरजीत सिंह संदोआ दोनों ही कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। याची ने कहा कि जिस आम आदमी पार्टी की टिकट पर यह चारों चुनाव लड़ विधायक बने थे अब उस पार्टी को छोड़ चुके हैं। ऐसे में इन सभी के खिलाफ दलदबल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मांग को लेकर याचिकाकर्ता ने राष्ट्रपति, पंजाब के राज्यपाल सहित इन चारों को 31 मई को लीगल नोटिस भी भेजा था जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।