यूटी सचिवालय में आज लगाए गए जन सुनवाई सत्र में प्रशासक शिवराज पाटिल ने 16 लोगों की शिकायतें सुनीं। शिकायतें सुनने के बाद प्रशासक ने लोगों को आश्वासन दिया और कहा कि उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान निकालने के प्रयास किए जाएंगे।
गौरतलब है कि लगभग ढाई महीने बाद आज का यह जनसुनवाई सत्र लगाया गया था। इसके लिए प्रशासन के आईटी विभाग के पास 26 लोगों की शिकायतें पहुंची थीं। जिनमें से 16 लोगों की शिकायतों को जन सुनवाई सत्र के लिए शार्टलिस्ट किया गया था।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पाटिल से मिलने का समय मांगा था, लेकिन इस बार उन्हें समय नहीं दिया गया, क्योंकि उनके द्वारा प्रशासक को दी जाने वाली प्रति आईटी विभाग के पास देरी से आई थी।
प्रशासक शिवराज पाटिल की व्यस्तता के कारण नवंबर और दिसंबर के पहले और तीसरे सोमवार को जन सुनवाई सत्र नहीं लगाए गए थे। लोगों में जन सुनवाई सत्रों को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि अब प्रशासक खुद सुनवाई करने लगे हैं। साथ ही सुनवाई सत्रों की एक्शन टेकन रिपोर्ट भी तैयारी की जाती है, जिसे प्रशासक खुद ही देखते हैं।
प्रशासन अब इस सत्र के मिनट्स रिकॉर्ड कर रहा है और एक्शन टेकन रिपोर्ट बननी भी शुरू हो गई है। इसके आदेश पाटिल ने दिए थे। पहले ऐसा नहीं होता था।
इससे पहले सत्र में आने वाले लोगों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए पाटिल की ओर से दिए गए निर्देश के बाद भी उनका समाधान नहीं होता था। पाटिल ने अब खुद पिछले सत्र की एक्शन टेकन रिपोर्ट देखनी शुरू कर दी है। अक्तूबर से पहले जितने भी जन सुनवाई सत्र हुए उसमें तीन या चार शिकायतकर्ता ही पहुंचे थे।