पीजीआई जाने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें लोग। दरअसल, रोहतक पीजीआई में अब केवल पास से एंट्री होगी। पीजीआई में बढ़ती भीड़ और असामाजिक तत्वों को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब एक मरीज के साथ एक ही परिजन का पास (कार्ड) बनेगा।
हालांकि मरीज की गंभीर हालत, उसकी जरूरत और इमरजेंसी को देखते हुए पास की संख्या 4 तक बढ़ाई जा सकती है। बगैर पास के किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी। खास बात यह है कि पास केवल 24 घंटे के लिए ही मान्य होगा ताकि इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सके। अगले दिन नया पास बनवाना होगा।
हां, अगर आपने एक पास बनवाया है और कोई भी परिजन मरीज से मिलने आया है तो आप उसे अपना पास देकर अंदर भेज सकेंगे। पास मरीज को दाखिल किए जाने वाले काउंटर पर ही बनेगा। हालांकि पीजीआई में पहले भी यह व्यवस्था एक बार लागू की गई थी, लेकिन वक्त के साथ इसे बंद करना पड़ा था। लेकिन इस बार इसे सख्ती से लागू करने का दावा किया जा रहा है।
जरूरत के हिसाब से मिलेंगे पास
डीएमएस डॉ. संदीप ने बताया कि व्यवस्था बनाने के लिए इस योजना को लागू किया गया है। इसके तहत यदि कोई मरीज सामान्य अवस्था में लाया जाता है तो उसके साथ केवल एक परिजन को पास दिया जाएगा। यदि मरीज की हालात गंभीर है तो उसके साथ ज्यादा से ज्यादा चार लोगों के पास बनाए जाएंगे।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों की भी हालत और जरूरत को देखते हुए पास दिए जाएंगे। छोटे बच्चे के साथ दो लोगों को पास दिए जा सकते हैं। परिजनों को यह पास चिट्ठी बनाने के साथ ही बनवाना होंगे।