हरियाणा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बेटियों के लिए खास कवायद की जा रही है। वीरवार को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में उन सभी बेटियों का सामूहिक जन्मदिन मनाया गया, जिनका जन्म फरवरी माह के दौरान हुआ है।
इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बेटियों का जन्मदिन मनाने की योजना को लागू कर दिया है। अब हर महीने के दूसरे सप्ताह के किसी भी एक दिन सामूहिक जन्मदिन का आयोजन किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह योजना इसलिए लागू की गई है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ रही बेटियों का उत्साह बढ़े और उन्हें भी यह एहसास हो कि वे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
खास बात यह है कि शिक्षा विभाग ने ही बीते माह गणतंत्र दिवस पर स्कूलों में ध्वजारोहण का कार्य बेटियों से ही कराया था। इसके लिए विभाग ने संबंधित गांव की सबसे ज्यादा पढ़ी लिखी बेटी को चुना और बेटियों के माता को गणतंत्र दिवस समारोह में सबसे आगे बैठने का सम्मान भी दिया।
विभाग की ओर से अब जन्मदिन मनाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इसके लिए विभाग ने किसी तरह के बजट की व्यवस्था नहीं की है। सामूहिक जन्मदिन मनाते हुए बेटियां का मुंह मीठा कराने का जिम्मा अभिभावकों का होगा और सभी अभिभावक इस आयोजन में वित्तीय सहयोग देंगे।
विभाग ने पहले तो जन्मदिन आयोजन के लिए मिठाई या विशेष पकवान बनाने की व्यवस्था मिड-डे मील से जोड़ने पर विचार किया, लेकिन अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण यह जिम्मा अभिभावकों पर ही डाल दिया गया है।
इस संबंध में एलीमेंटरी शिक्षा निदेशक आरएस खरब ने बताया कि यह योजना शिक्षा विभाग द्वारा ही लागू की गई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को मिड-डे मील योजना से नहीं जोड़ा गया है और न ही यह कोई केंद्र सरकार की योजना का हिस्सा है।
विभाग ने सरकारी स्कूलों में यह योजना शुरू की है। स्कूलों में किसी भी महीने में पैदा हुई सभी बेटियों का जन्मदिन सामूहिक तौर पर उस महीने के दूसरे हफ्ते में मनाया जाएगा। इससे अवश्य ही बेटियों का उत्साह बढ़ेगा।
-आरएस खरब, निदेशक, एलीमेंटरी शिक्षा, हरियाणा
- हरियाणा में लिंगानुपात में काफी अंतर है इसलिए लड़कियों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना शुरू की है। इसमें बच्चों के अभिभावकों का पूरा सहयोग मिलने की उम्मीद है।
- मीनाक्षी गोयल, संयुक्त निदेशक, एलीमेंटरी शिक्षा, हरियाणा