पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट के सदस्य
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पंजाब यूनिवर्सिटी अब कर्मचारियों को पेंशन स्कीम के लिए दोबारा मौका देने के लिए कानूनी सलाह लेगा। इसके साथ ही बैठक में डॉ. हरिवंश सिंह जज इंस्टीटयूट ऑफ डेंटल साइंस एवं हॉस्पिटल में किए जाने वाले विभिन्न तरह के इलाजों के रेट भी रिवाइज करने पर सहमति हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इलाज के रेट बढ़ाए जाएंगे। वहीं कई नॉन-टिचिंग और टीचिंग स्टाफ को प्रमोट भी किया गया। वहीं नए एडमिशन में फीस बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तक नहीं की गई।
पीयू में रविवार को सिंडिकेट की बैठक आयोजित की गई। इसमें शुरुआत में वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार ने हिंदी विभाग के पूर्व चेयरपर्सन डॉ. रामधारी सिंघल को श्रद्धांजलि देकर की। इसके बाद सिंडिकेट सदस्यों की ओर से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें पेंशन स्कीम के लिए कर्मचारियों को दोबारा मौका देने के लिए बातचीत हुई। इसमें निष्कर्ष निकाला कि इसके लिए पीयू कानूनी सलाह लेगा कि क्या कानून की दृष्टि से यह सही कदम है।
इसके लिए नॉन-टिचिंग स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष दिपक कौशिक से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमने यह मांग रखी थी जिन्होंने 2006 से ज्वाइन किया है उन्हें पेंशन स्कीम के लिए मौका देना चाहिए। इसके साथ ही पंजाब सरकार की ओर से नई पेंशन योजना (एनपीएस) ऑप्शनल रखी गई है। हमारी मांग थी कि पीयू के कर्मचारियों के लिए भी एनपीएस ऑप्शनल रखी जाए। इसके साथ ही उन्होंने पीयू सिडिंकेट मेंबर्स का पेंशन स्कीम के लिए कर्मचारियों को दोबारा मौका देने के लिए मांगी गई कानूनी सलाह के लिए धन्यवाद किया। सिंडिकेट बैठक से पहले नॉन-टिचिंग और टीचिंग स्टाफ ने मेंबर्स को पेंशन स्कीम के लिए ज्ञापन भी सौंपा था।
टीचिंग स्टाफ के लिए अवकाश को मिली मंजूरी
बैठक में टीचिंग स्टॉफ के अवकाश को लेकर सहमित बनी। लंबे समय से मांग की जा रही थी कि टीचिंग स्टाफ के अवकाश के मामले को देखने के लिए टीम बनाई जाए। सिंडीकेट बैठक में लंबी चर्चा के बाद इस मामले को देखने के लिए समिति को मंजूरी दे दी गई। गौरतलब है कि पीयू में टीचिंग स्टाफ के अवकाश के काफी मामले पेंडिंग पड़े है। इसके साथ ही एम.फिल/पीएचडी में दिए जाने वाले अवार्ड को लेकर भी चर्चा नहीं हुई।
यूआईईटी विद्यार्थियों ने फीस बढ़ोतरी के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने बैठक से पहले रविवार सुबह सिंडिकेट मैंबर्स को फीस बढ़ोतरी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों इस दौरान फीस बढ़ोतरी के खिलाफ पोस्टर के साथ आए और पहले एडमिन ब्लॉक के बाहर कुछ देर विरोध जताया। विद्यार्थियों ने कहा इंजीनियरिंग विद्यार्थी पहले ही बहुत ज्यादा फीस देते हैं। अगर पीयू की तरफ से फीस में बढ़ोतरी की जाती है तो विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। लेकिन रविवार को हुई सिंडिकेट बैठक में फीस बढ़ोतरी को लेकर कोई चर्चा नहीं की र्गई।