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बाहरी गाइड के शोधार्थियों को छात्रावास आवंटित नहीं करेगी पीयू

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने आदेश जारी किए हैं कि जिन शोधार्थियों के गाइड बाहर के हैं, उन्हें छात्रावास आवंटित नहीं किया जा सकेगा। इस आदेश के बाद विद्यार्थियों में उबाल आ गया। उन्होंने इसका विरोध करते कहा कि पीयू इस आदेश को वापस ले अन्यथा उग्र प्रदर्शन होगा। इस आदेश से दर्जनों शोधार्थी प्रभावित होंगे।
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जानकारी के अनुसार पीयू की ओर से उन शोधार्थियों को भी छात्रावास आवंटित किए जा रहे थे, जिनके गाइड दूसरे शिक्षण संस्थानों के थे। पीयू में यह शोधार्थी छात्रावासों में रहकर संबंधित विभाग की सुविधाओं का प्रयोग करते थे। बाकायदा इसके लिए शुल्क आदि देय है। वर्षों से यह व्यवस्था चली आ रही थी। हर साल दर्जनों शोधार्थियों को इसका लाभ मिलता रहा। अब नए आदेश जारी कर दिए। पीयू ने कह दिया कि केवल वही शोधार्थी छात्रावास की सुविधा के हकदार होंगे जो पीयू परिसर विभाग, केंद्रों के संकाय की देखरेख में काम कर रहे हैं या फिर विश्वविद्यालय के माध्यम से फेलोशिप प्राप्त कर रहे हैं। पीयू प्रशासन ने सभी वार्डन को आदेश दिए हैं कि वे ऐसे शोधार्थियों के फार्म पास न करें जिनके गाइड या मार्गदर्शक पीयू परिसर में नहीं हैं।
सूत्रों का कहना है कि पीयू के हर छात्रावास में आठ से दस शोधार्थी ऐसे हैं, जिनके गाइड बाहर के हैं और वे यहां रहकर शोध कर रहे हैं। इससे पीयू का नाम भी हो रहा है, क्योंकि पीयू के खाते में भी पब्लिकेशंस आदि आते हैं। साथ ही कुछ शुल्क भी खजाने में आता है।
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पीयू वापस ले आदेश
एसएफएस के कार्यकर्ता संदीप कुमार का कहना है कि उनके गाइड बाहर के हैं। वह पीयू में रहकर विभागीय सुविधाएं ले रहे हैं। ऐसे में इस आदेश से वे प्रभावित होंगे। पीयू को यह आदेश वापस लेना चाहिए, अन्यथा प्रदर्शन किया जाएगा। एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा का कहना है कि पीयू छात्रों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की बात करे तो सही है, लेकिन उनकी सुविधाएं कम करे तो यह अन्याय है। पीयू के इस आदेेश से दर्जनों शोधार्थी प्रभावित होंगे। इस आदेश की हम निंदा करते हैं और यह वापस होना चाहिए। एबीवीपी के मीडिया प्रभारी शुभम भारद्वाज का कहना है कि छात्रों की सुविधाओं में कटौती नहीं होनी चाहिए। पीयू ऐसे आदेश जारी करे, जिससे शोधार्थियों को लाभ मिले, न कि उन्हें छात्रावास से बाहर किया जाए।
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