पंजाब विश्वविद्यालय छात्रों का भविष्य बचाने में जुटा है। छात्रों की डिग्री पर भविष्य में कोई सवाल खड़े न करे, इसलिए फाइनल ईयर के एग्जाम तो हर हाल में करवाए जाएंगे। एग्जाम का आधार कुछ भी हो सकता है। परीक्षा दो घंटे की भी होगी तो पीयू यह तैयारी कर रहा है कि छात्रों को पीयू कैंपस नहीं आना पड़े या फिर उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़े। इसके चलते छात्रों के नजदीकी कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए जा सकते हैं।
नौकरी के समय डिग्री को नहीं मिल पाएगा अधिक महत्व
पीयू व उससे संबद्ध 196 कॉलेजों में लगभग तीन लाख विद्यार्थी हर साल शिक्षा पाते हैं। पीयू इन विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित करता है। इस बार कोरोना के कारण परीक्षा में देरी हो रही है। यूजीसी ने सुझाव दिया था कि विश्वविद्यालय चाहें तो बिना परीक्षा के भी विद्यार्थियों को प्रमोट कर सकते हैं, लेकिन इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों के सामने बड़ी दिक्कतें आएंगी। नौकरी के समय उनकी डिग्री को अधिक महत्व नहीं मिलेगा।
इसे ध्यान में रखते हुए पीयू प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा है। पीयू ने पहले ही घोषणा कर दी है कि जुलाई में परीक्षाएं होंगी। तिथि तय करना बाकी है। परीक्षा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को भी बताया गया है। परीक्षाएं न हों, इसके लिए छात्रों का दबाव अफसरों पर पूरा है। सूत्रों का कहना है कि छात्रों के दबाव में पीयू आने वाला नहीं है। वह वही निर्णय लेगा, जो छात्रों के हित में होगा।
छात्र तैयारी में जुटें, बहकावे में न आएं
सूत्रों का कहना है कि पीयू ने फाइनल ईयर के एग्जाम हर हाल में करवाने का निर्णय लिया है। इन विद्यार्थियों को सीधे प्रमोट करने की अभी कोई योजना नहीं है। परीक्षाएं कैसे ली जाएंगी, इसका खाका तैयार हो रहा है। अन्य सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर पीयू का रुख साफ नहीं है। हालांकि, पीयू ने यह जरूर कहा है कि परीक्षाएं होंगी।
जानकारों का कहना है कि पीयू का काम परीक्षा करवाना है और छात्रों का काम परीक्षा देना व तैयारी करना है, इसलिए छात्र परीक्षा की तैयारी में जुटें। किसी के बहकावे में न आएं कि परीक्षाएं नहीं होंगी। यदि परीक्षा न होने का भ्रम है तो उससे और छात्रों को दिक्कतें होंगी। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक प्रो. परविंदर सिंह से संपर्क किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया।
छात्र संगठन छात्रों को न भटकाएं
पीयू के कुछ छात्र संगठनों ने यह बीड़ा उठा लिया है कि वह परीक्षाएं नहीं होने देंगे। छात्रों को प्रमोट करवाएंगे। इस आश्वासन के चलते हजारों छात्र परीक्षा की तैयारी नहीं कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि छात्र संगठन अपना हित न देखें। छात्रों के भविष्य की चिंता करें। इसलिए छात्रों से कहें कि वह अपनी तैयारी में जुट जाएं। परीक्षाएं होंगी तो तैयारी काम आएगी और नहीं भी होंगी तो पढ़ाई कभी बेकार नहीं जाती।
सामने क्यों नहीं आ रहा पीयू
पीयू ने जुलाई में परीक्षाएं करवाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन किस सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी। कौन से ईयर वाले विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। यह स्थिति साफ नहीं की। इससे विद्यार्थियों में असमंजस है। छात्र नेताओं का कहना है कि पीयू अपनी मंशा साफ जाहिर करे और परीक्षा कार्यक्रम घोषित करे ताकि छात्रों के सामने असमंजस की जो दीवार आ रही है, वह दूर हो सके, इसलिए पीयू को सामने आना होगा।