पंजाब यूनिवर्सिटी का खजाना लगभग खाली हो गया है। अब अगले माह वेतन के लाले पड़ सकते हैं। पीयू ने केंद्र सरकार से वेतन ग्रांट जारी करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर पीयू ऑनलाइन फार्म बेचेगा। उससे कुछ आय होगी तो वह वेतन में काम आ सकेगी, लेकिन 32 करोड़ रुपये पीयू को वेतन ग्रांट हर माह चाहिए। इतनी ग्रांट पीयू के खजाने में नहीं है।
पीयू में 700 से अधिक शिक्षक हैं। इनके अलावा 1500 कर्मचारी हैं। कुछ अन्य स्टाफ भी है। सुरक्षा कर्मी भी 200 से अधिक हैं। इन सभी का एक माह का वेतन लगभग 27 करोड़ जाता है। साथ ही पांच करोड़ रुपये पेंशन के लिए जाते हैं। इस तरह पीयू का वेतन व पेंशन का खर्च हर माह 32 करोड़ का है। केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में 38 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन वह पैसे महज एक माह में ही खत्म हो गए।
पीयू के पास अन्य मदों में कुछ बजट था जिससे शिक्षकों को जून की सैलरी दी है। सूत्रों का कहना है कि अब पीयू के पास खजाना लगभग खाली है। अगले माह वेतन का संकट हो सकता है। हालांकि पीयू प्रशासन पूरी तैयारी में है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्र सरकार वेतन ग्रांट जारी कर देगी। बताया जाता है कि केंद्र सरकार के पास भी बजट का अभाव है। वह भी इस बार पीयू को टुकड़ों में ही वेतन ग्रांट जारी करेगी।