चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की अनुमति दे दी है। 28 जून से शुरू हो रही परीक्षाओं की कॉपियों के लिए यह नियम लागू होगा। इससे विद्यार्थियों को काफी राहत मिली है।
कोरोना काल में पीयू की ओर से ऑनलाइन परीक्षाओं का आयोजन किया गया। परीक्षाएं तो आयोजित की गईं, लेकिन उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच का मौका विद्यार्थियों को नहीं दिया गया। उन विद्यार्थियों ने इस बात पर आपत्ति जताई, जिन्होंने पूरी पढ़ाई की थी, लेकिन अंक ठीक नहीं मिले। कई दिनों से वे मांग करते आ रहे थे कि ऑनलाइन परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने का मौका दिया जाए। इस पर पीयू ने कमेटी बनाई और परीक्षा के कार्यक्रम तय करने के अलावा उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच का भी मौका दे दिया गया। इस पर विद्यार्थियों ने खुशी जताई। कुछ छात्रों का कहना है कि यह व्यवस्था पहले भी होनी चाहिए थी, लेकिन पीयू ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
गोल्डन चांस वाले विद्यार्थी परेशान
पीयू की ओर से उन छात्रों को गोल्डन चांस दिया गया था, जो एक या दो विषय में फेल हो गए थे। इन विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित की जानी थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कई बार उन्होंने इसके लिए पीयू से कहा। साथ ही छात्र संगठनों ने भी यह मुद्दा उठाया, पर अब तक इस पर बात नहीं बनी। 28 जून से शुरू हो रही परीक्षाओं के साथ इन विद्यार्थियों की परीक्षाएं नहीं करवाई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थी परेशान हैं। छात्र संगठनों का कहना है कि पीयू को यह पहल करनी चाहिए थी ताकि विद्यार्थी परेशानी से बाहर आ सकें।
कक्षाओं में शामिल न होने वाले विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ीं
ऑनलाइन कक्षाओं में स्नातक व परास्नातक के कई छात्र शामिल नहीं हो सके थे। कोरोना के कारण उनके परिवार प्रभावित रहे। ऐसे में वे परेशान हैं कि परीक्षा कैसे देंगे। उनकी तैयारी नहीं है। छात्र संगठनों के पास यह मुद्दा पहुंचा तो उन्होंने पीयू से कहा है कि ऐसे छात्रों को प्रमोट किया जाए या बोनस अंक दिए जाएं। पीयू को इन विद्यार्थियों की सूची बनानी चाहिए और इसके लिए रास्ते निकाले जाने चाहिए। छात्रों ने कहा कि इस मांग के लिए छात्र प्रदर्शन भी कर सकते हैं। इसके लिए रणनीति बनाई जा रही है।