पीयू छात्र संगठन चुनाव के लिए आठ दिन बचे हैं। चुनाव से पहले उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) में बवाल में हो गया है। बुधवार को पैनल घोषणा के दौरान दिल्ली से आए पार्टी आदेशों फैसले से नाराज प्रदेश अध्यक्ष सिकंदर बूरा ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आए आदेशों से वह संतुष्ट नहीं हैं।
चुनाव से पहले सिकंदर का पार्टी को छोड़कर जाना एनएसयूआई के लिए नुकसान भरा हो सकता है। पिछला चुनाव जीतने में सिकंदर की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
मिली जानकारी के मुताबिक पहले से ही तय था कि पार्टी में नए उम्मीदवार चेहरों को जगह दी जाएगी। सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में एनएसयूआई की पैनल घोषणा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। पैनल घोषणा की शुरू होते ही एनएसयूआई अध्यक्ष सिकंदर बूरा ने कहा कि दिल्ली से आए पार्टी आदेशों फैसले से वह खुश नहीं है, जिसके चलते वह तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की बात करते हुए बाहर निकल गए। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने राहुल नैन का नाम पीयू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए घोषित किया। वहीं, उपाध्यक्ष के रूप में अर्चित गर्ग व अनुराग दलाल को सचिव पद का उम्मीदवार बनाया गया।
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सिकंदर बूरा ने मीडिया को बताया कि संगठन की ओर से नामों को लेकर स्थानीय यूनिट से कोई चर्चा नहीं की गई। पैनल घोषणा से दस मिनट पहले नए नामों के बारे में पता चला। कहा कि उन लोगों से हाईकमान ने संपर्क नहीं साधा। इसके साथ हमारे पास दो -चार नाम थे, जिन पर पार्टी ने विचार नहीं किया। जिन नामों पर चर्चा नहीं की गई, वह अच्छा कर सकते थे। छह माह पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से आए राहुल नैन को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित करने का फैसला गलत है।
फेरबदल की गुंजाइश नहीं
पार्टी ने जो नामों की घोषणा की है, उसमें बदलाव की गुंजाइश बेहद कम है। बूरा के इस्तीफे के बाद सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मनीष तिवारी ने एचएस लक्की से फोन पर बात कर कहा कि राहुल नैन का नाम ही पक्का है। उम्मीदवार के नाम में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा, क्योंकि पार्टी हाईकमान ने यह नाम तय किए हैं। वहीं, दूसरी तरफ सिकंदर ने कहा कि वह मीडिया के सामने तो इस्तीफा दे ही चुके हैं, जल्द सोशल मीडिया पर भी पोस्ट कर देंगे। अब समझौते की कोई उम्मीद नहीं है।