चंडीगढ़। विभागों के प्लेसमेंट को लेकर पीयू गंभीर है। पीयू ने विभागों की प्लेसमेंट सेल से फिर कहा है कि वह हरसंभव प्रयास करें। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को नौकरियां दिलवाई जाएं। निजी कंपनियों से संपर्क साधें।
पीयू में 70 से अधिक विभाग हैं। यहां 16 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा पाने आते हैं। हर साल चार हजार से अधिक विद्यार्थी पासआउट होते हैं। इनके प्लेसमेंट की व्यवस्था पीयू की ओर से की जाती है। प्लेसमेंट भी लगभग पूरा हो जाता है। लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के कारण कंपनियों के आने की संभावनाएं कम हैं, क्योंकि कंपनियों में भी कम ही रिक्तियां भरी जा रही हैं। कुछ कंपनियों ने तो रिक्तियों पर बैन लगा दिया है। ऐसे में हर शिक्षण संस्थान नौकरियों को लेकर गंभीर है। सूत्रों का कहना है कि पीयू अपने विभागों से बराबर इसकी रिपोर्ट ले रही है ताकि कोई कमी हो तो उसे पूरा किया जा सके। पीयू ने विभागों से कहा है कि अब तक उनकी ओर से किए गए प्रयासों के बारे में बताएं। यदि कहीं दिक्कतें आ रही हैं तो उसके बारे में भी अवगत करवाएं ताकि उच्चाधिकारी समस्याओं का समाधान कर सकें। जानकारों का कहना है कि पीयू प्रयास तो कर रही है, लेकिन प्लेसमेंट 20 फीसदी तक प्रभावित हो सकती है, क्योंकि बाजार में नौकरियों की संख्या कम हो रही है।